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Saturday, February 14, 2026

श्रीरामचरितमानस में जाति नहीं अपितु चरित्र का गुणगान है : आचार्य

मूंगुस गांव में शीतलाधाम पर आयोजित हो रही श्रीराम कथा

तिंदवारी, के एस दुबे । ग्राम मूंगुस के श्री शीतला धाम में आयोजित श्रीराम कथा के अष्टम दिवस पर आचार्य अभिषेक शुक्ल जी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस में जाति नहीं अपितु चरित्र का गुणगान है, मानस में निकृष्टचरित्र रावण ब्राह्मणशिरोमणि होने पर भी परनारीहरण के जघन्य कुकृत्य के कारण सपरिवार विनाश को प्राप्त हुआ,अहिल्या और शबरी जैसी नारियां भगवत प्रेम के प्रसाद से समाज के महनीय समादर की सत्पात्र बनीं तथा केवट व गुह भी

कथा बखान करते हुए कथावाचक अभिषेक शुक्ल 

ब्राह्मणवरिष्ठ वशिष्ठ के प्रीतिभाजन बनें,भरत चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि परिश्रमपूर्वक विविध तीर्थों से संगृहीत जल को व्यर्थ में कहीं पर गिरा देने की अपेक्षा त्रिकालज्ञ एवं परमतपस्वी महर्षि अत्रि की दिव्यदृष्टि में अनादिकाल से सिद्धिदायक स्थल में सुरक्षित कराके भ्रातृवर भरत के द्वारा विश्व के प्राणियों का महान् उपकार
मौजूद श्रोतागण

किया गया है,भरतकूप का जल श्रीरामजी के अनुपम भ्रातृप्रेम का प्रत्यक्ष विग्रह है,जो आज भी प्राणिमात्र के कल्याणार्थ सुलभ है तथा प्राणियों में भ्रातृभाव को सतत जागरित करता है,चरण पादुका देकर भगवान् ने भरत जी को अयोध्या की ओर प्रस्थान कराया, कथा श्रवण हेतु विविध क्षेत्रवासी श्रद्धालु उपस्थित रहे ।


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