केन्द्र व प्रदेश के शिक्षामंत्री से शिक्षा नीति को सुधारने की मांग
बांदा, के एस दुबे । भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के प्रान्तीय महासचिव गुलाब चन्द्र कुशवाहा शिक्षा व्यवस्था को लेकर जागरूक हो गये है। उन्होंने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार व बेसिक शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह से मांग करते हुये कहा है कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा की जा रही लूट और बच्चों के स्कूली बैग में किताबों के बढ़ते बोझ को कम किया जाये ताकि अभिभावक और बच्चों को राहत मिल सके। भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के प्रान्तीय महासचिव ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुये कहा कि सरकार द्वारा स्कूल पुस्तकों की अधिकतम कीमत तय की जाए, ताकि निजी स्कूलों द्वारा मनमानी कीमत वसूली पर रोक लग सके साथ ही किताबें किसी भी दुकान पर
आसानी से उपलब्ध हो । आगे उन्होंने कहा कि स्कूलों द्वारा हर वर्ष फीस में मनमानी वृद्धि की जाती है, ऐसा नियम बनाया जाए कि कोई भी स्कूल 5 वर्षों में अधिकतम 5 प्रति. से अधिक फीस न बढ़ा सके, स्कूलों द्वारा बार-बार सिलेबस बदलने के कारण हर साल नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं, यह सुनिश्चित किया जाए कि कम से कम 5 वर्षों तक सिलेबस में परिवर्तन न हो, स्कूलों द्वारा भवन निर्माण या अन्य गैर-शैक्षणिक खर्चों के लिए अभिभावकों से शुल्क वसूला जाता है इस पर सख्त रोक लगाई जाए । आखिरी मांग करते हुये उन्होंने कहा कि जिन किताबों को स्कूल द्वारा अनिवार्य किया गया है, उन्हें पढ़ाया जाना भी सुनिश्चित किया जाए यदि कोई किताब उपयोग में नहीं लाई जाती है, तो उसका मूल्य अभिभावकों को वापस करने का प्रावधान भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा होना चाहिये।


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