चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इला चैधरी ने जनपद में कार्यरत समस्त पैरालीगल वालेण्टियर्स (पीएलवी) के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी द्वारा आयोजित संवर्धन क्लस्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यरत पराविधिक स्वयं सेवकों को कानूनी प्रक्रियाओं, कल्याणकारी योजनाओं और सामुदायिक विवाद समाधान के बारे में प्रशिक्षित कर समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों तक कानूनी मदद पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राधिकरण सचिव इला चैधरी ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी। बताया कि यह योजनाएं के समाज के कमजोर, वंचित एवं पिछड़े वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा तथा न्याय तक पहुँच प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जाती हैं।
नालसा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक स्थिति या सामाजिक कमजोरी के कारण न्याय से वंचित न रहे। अन्य जनपदों से आए प्राधिकरण सचिवों ने भी पराविधिक स्वयं सेवकों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर कमजोर वर्गों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने छात्रवृत्ति, पेंशन, श्रमिक योजनाओं, पाक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा कानून और किशोर न्याय अधिनियम जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी देते हुए अधिकार मित्रों (पराविधिक स्वयं सेवकों) को इनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान चित्रकूट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यरत पैरालीगल वालेण्टियर्स मुन्नालाल विश्वकर्मा व ममता वर्मा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।


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