जांच के नाम पर खानापूर्ति करके वापस लौटे नायब तहसीलदार व एमआई
प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ करते हैं अभद्र भाषा का प्रयोग
धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन का खेल, वीडियो हुआ वायरल
बांदा, के एस दुबे । अतर्रा तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित होने वाली भदावल खदान में बालू की चोरी के साथ-साथ सीना जोरी जारी है। एक तो नियमों को दरकिनार करते हुए कथित भाजपा नेता के गुर्गों द्वारा अवैध बालू खनन का काम किया जा रहा है। इसके साथ-साथ खदान के जिम्मेदार गुर्गों के द्वारा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को अपशब्द और रिश्वतखोरी के आरोपों का वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। कथित वायरल वीडीयों की हमार समाचार पत्र पुष्टि नहीं करता लेकिन यदि यह सही है तो इस खदान के अवैध खनन को किसका संरक्षण प्राप्त है। यह भी सवालिया निशान है। उधर मीडिया में जब समाचार प्रकाशित हुए तो अपनी किरकिरी के बाद जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार और खनिज इंस्पेक्टर महज खानापूर्ति करके वापस आ गये। सूत्रों की मानें तो कथित खनन माफिया शिवचन्द्र त्रिपाठी और उकसे गुर्गे पप्पू तिवारी ने इनके मैनेज करके चलता कर दिया।
जानकारी के अनुसार अतर्रा तहसील क्षेत्र के भदावल में सचांलित बालू खदान का पट्टा सचिन इंटरप्राइजेज प्रोपराइटर सिद्धार्थ शुक्ला के नाम आवंटित है, जो कि बागै नदी में खनन का पट्टा जनपद बांदा से किया गया गया। जो कि 11 अप्रैल 26 तक इसी मियाद है। लेकिन भाजपा नेता के कथित संरक्षण में इस खदान में शुरू से अवैध खनन का खेल खेला जा रहा है। ग्रामीणों की कई बार शिकायत के बाद भी इस खदान में अवैध खनन और ओवरलोडिंग में आज तक रोक नहंी लगी। अब वायरल वाडियों ने इस खदान के अवैध खनन और कथित रिश्वतखोरी और गाली-गलौज ने सुर्खियों में ला दिया है। वायरल वीडियों में खदान का एक कर्मचारी एक प्रशासिनक अधिकारी तहत हल्ले के पुलिस विभाग के अधिकारियों को लेकर गाली-गलौज सहित रिश्वखोरी के आरोप लगा रहा है। अब देखना यह है कि वीडियों वायरल होने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इस खदान के अवैध खनन पर क्या कार्यवाही करते हैं, या योंही इस खदान में अवैध खनन खदान बंद होने के बाद भी जारी रहता है। अवैध खनन सीमांकन से बाहर किया जा रहा है। जब पूरे मामले की जानकारी खनिज जानकारी राज रंजन से लेनी चाहि कई बार फोन लगाने के बावजूद भी उन्होंने अपना फोन नहीं रिसीव किया। उधर इस संबंध में जब तहसीलदार अतर्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदार और खनिज इंस्पेक्टर जांच करने गये थे।


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