सदर अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में चले मुक्का-लात
बांदा, के एस दुबे । जीवन रक्षक औषधि को पाने के लिये कतारबद्ध लाइनों में लगे मरीज और उनके तीमारदारों को अपना जीवन बीमारी से बचाने के लिये अब जंग लड़नी पड़ रही है। कल सदर अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में दवा की लाइन लगाये खड़े कुछ लोगों के बीच कहा सुनी हो गयी। विवाद इतना बढ़ गया कि वार्ड के सामने ही दोनों पक्ष एक दूसरे पर मुक्का-लात से प्रहार करने लगे। अस्पताल में अफरा तफरी मच गयी, लाइन में लगे तीमारदारों ने बीच बचाव कर विवाद को शान्त कराया। अस्पताल में उपचार के लिये पहुंचने मरीज और जीवन रक्षक औषधियों के वितरण प्रणाली की वजह से होने वाली मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिये अस्पताल प्रशासन के द्वारा कोई
पुख्ता इन्तजाम नहीं किये गये। औषधि वितरण में लगे अनट्रेंड नौसिखिया युवाओं के द्वारा मरीज और उनके तीमारदार को न तो दवायें उपलब्ध कराई जाती है और न ही यहां पर तैनात युवाओं के द्वारा डाक्टरों की लिखी दवाएं ही समझ में आती है। जिससे औषधि लेने के लिये कतारबद्ध खड़े तीमारदारों को घंटों का इन्तजार करना पड़ता है। अगर इतने में ही कोई रसूकदार पहुंचकर लाइन से पहले दवा लेने लगता है तो उसको यहां पर तैनात युवकों के द्वारा दवा देकर विवाद को जन्म दे दिया जाता है।
बीते दिवस ऐसी ही घटना सदर अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में घटित हुई, लाइन में कतारबद्ध खड़े तीमारदारों को समय से औषधि न मिलने और लाइन तोड़कर औषधि लेने वालों के बीच विवाद हो गया, विवाद इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मुक्का-लात चलने लगे। अस्पताल में हडकम्प मच गया, चारों तरफ अफरा तफरी का महौल छा गया। अन्य तीमारदारों ने विवाद को शान्त कराया। अस्पताल प्रशासन के द्वारा दवा वितरण में कोई भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था का इन्तजाम न किये जाने से तीमारदारों में खासा आक्रोश फैला है।


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