जिलाधिकारी ने 20 जून 2026 तक सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए
देवेश प्रताप सिंह राठौर
उत्तर प्रदेश, उन्नाव । कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा की अध्यक्षता में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) और अनिगमित सेक्टर के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सर्वेक्षण के आंकड़ों की गुणवत्ता पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के आकलन के उद्देश्य से यह सर्वेक्षण कराया जा रहा है। अनिगमित क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों और रोजगार सृजन में योगदान देता है, जिससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के उन्नयन में मदद मिलती है।
यह सर्वेक्षण जुलाई 2025 में शुरू हुआ था और जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) के साथ इस सर्वेक्षण में भाग लेने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। प्राप्त आंकड़े विभिन्न मंत्रालयों, संगठनों और उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होंगे।
सर्वेक्षण का उपयोग विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में अनिगमित गैर-कृषि उद्यमों के सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए) प्रति श्रमिक और जीवीए प्रति उद्यम की गणना के लिए किया जाएगा। यह पहली बार है कि किसी राज्य द्वारा जिला स्तर पर अनुमान लगाने के लिए इस सर्वेक्षण का उपयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण और अनिगमित सेक्टर के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण की शेष इकाइयों का कार्य 20 जून 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में समस्त खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों का सहयोग लिया जाए। साथ ही, आउटसोर्सिंग के माध्यम से किए जाने वाले सर्वेक्षण को भी समय पर पूरा किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री विधेश, अर्थ एवं संख्याधिकारी सुगन्धा चतुर्वेदी, सहायक श्रमायुक्त एस एन नागेश, अपर सांख्यिकीय अधिकारी रजत कुमार, विनोद कुमार साहू सहित संबंधित अधिकारीगण, सर्वेयर और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।


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