बांदा/तिंदवारी, के एस दुबे । सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी मरीजों के लिए दुश्वारियां खड़ी कर रही है। ताजा मामला तिंदवारी विकास खंड के दवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां परिसर में हुए भारी जलभराव के कारण इलाज कराने आ रहे मरीज और उनके तीमारदार बेहद परेशान हैं। हालात इतने बदतर हैं कि अस्पताल परिसर किसी तालाब जैसा नजर आने लगा है।अस्पताल परिसर में चारों तरफ पानी जमा होने के कारण भयंकर गंदगी और सड़ांध फैल गई है।
स्वास्थ्य केंद्र की यह बदहाली देखकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने आए ग्रामीण संक्रमण के डर से बिना टीका लगवाए ही वापस लौट रहे हैं। सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति प्रसव कक्ष की ओर जाने वाले मार्ग की है। जलभराव के कारण पूरे रास्ते पर गहरी कीचड़ हो चुकी है, जिससे प्रसूताओं और नवजातों को ले जाने में तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र पर आए तीमारदारों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है किअभी तो मानसून या बरसात का सीजन शुरू भी नहीं हुआ है, तब अस्पताल परिसर पानी से लबालब भरा हुआ है। अगर अभी यह हाल है, तो आने वाले दिनों में जब भारी बारिश होगी, तब यहाँ पैर रखना भी मुश्किल हो जाएगा।
इस अव्यवस्था के बारे में जब वहां तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से बात की गई, तो उन्होंने अपनी बेबसी जाहिर की। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि पूरे पीएचसी परिसर में जलनिकासी की कोई व्यवस्था ही नहीं है। नतीजतन, अस्पताल में रोजाना इस्तेमाल होने वाला दैनिक पानी बाहर बहने के बजाय परिसर के अंदर ही जमा होता रहता है, जिसने अब एक बड़े संकट का रूप ले लिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों ने रोष जताया है। इस दौरान रामबाबू सोनी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और तीमारदार उपस्थित रहे, जिन्होंने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से तिंदवारी में तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।


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