योजनाओं और जमीनी सच में टकराव
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस केवल औपचारिक बैठक नहीं बल्कि खेतों की पीड़ा और किसानों के धैर्य की खुली कहानी बन गया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में किसान यूनियन और जिले भर से पहुंचे कृषकों ने चकबंदी की उलझनों, अन्ना प्रथा, गौशालाओं की बदहाली, बिजली संकट, सिंचाई की परेशानी और गेहूं खरीद की समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने जमकर आवाज बुलंद की। किसानों का कहना था कि योजनाएं कागजों में दौड़ रही हैं, लेकिन खेतों तक राहत अब भी अधूरी है। जिलाधिकारी ने आश्वस्त करते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं के लक्ष्य तेजी से पूरे हो रहे हैं और किसान ऑनलाइन आवेदन कर
![]() |
| किसान दिवस में मौजूद किसान व अन्य |
लाभ ले सकते हैं। खरीफ फसल के बीज उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए उन्होंने शेष आवारा गौवंशों को शीघ्र संरक्षित कराने के निर्देश मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिए। वहीं बिजली संकट को लेकर राजापुर और कर्वी विद्युत वितरण खंड के अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ में 7543 किसानों को लगभग 5 करोड़ 6 लाख रुपये तथा रबी में 366 किसानों को क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की जानकारी दी गई। इस दौरान चयनित किसानों को प्रमाण पत्र और चेक भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में कई विभागीय अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक तथा भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
.jpeg)

No comments:
Post a Comment