चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले में वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रही ग्राम पंचायत रुकमा बुजुर्ग के मजरा खांच एससी बस्ती में आखिरकार राहत की बूंदें पहुंच ही गईं। बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा द्वारा लगातार उठाई गई जनआवाज और ग्रामीणों के समर्थन ने प्रशासनिक तंत्र को हरकत में आने पर मजबूर कर दिया। कुछ दिन पूर्व संगठन के नेतृत्व में प्रखर पटेल, समाजसेवी मुकेश कुमार, संदीप पटेल, जयकरन, प्रान्शू सहित अन्य साथियों ने बस्ती की गंभीर पेयजल समस्या को लेकर मोर्चा खोला था। ग्रामीणों की पीड़ा को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभाग का ध्यान
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| खांच बस्ती में पानी समस्या के परेशान ग्रामीण |
आकर्षित कराया गया। लगातार बढ़ते जनदबाव और संगठन के संघर्ष का असर यह हुआ कि विभाग ने बस्ती में नया रिबोर करा दिया। अब इलाके में पानी पहुंचने से ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे हैं। ग्रामीणों ने बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के प्रति आभार जताते हुए कहा कि संगठन ने उनकी आवाज को मजबूती से उठाया। संगठन ने भी साफ किया कि जनता के अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।


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