मासूम की सांसें बचाने को खाकी बनी फरिश्ता, इंस्पेक्टर ने किया रक्तदान - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Friday, May 22, 2026

मासूम की सांसें बचाने को खाकी बनी फरिश्ता, इंस्पेक्टर ने किया रक्तदान

सिलेंडर हादसे के बाद पुलिस की संवेदनशीलता ने जीता दिल

फतेहपुर, मो शमशाद । थाना कल्यानपुर क्षेत्र के ग्राम पिलखिनी में बीते सत्रह मई को सिलेंडर लीकेज से लगी भीषण आग की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। हादसे में नौ लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने जिस तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी शुरू कराई। सभी घायलों को तत्काल अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार शुरू हुआ। घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए ग्रीन

मासूम के लिए रक्तदान करते इंस्पेक्टर।

कॉरिडोर तैयार कराया, जिससे सभी को तेजी से केजीएमयू लखनऊ रेफर किया जा सका। इस त्वरित कार्रवाई से कई घायलों को समय रहते बेहतर उपचार मिल सका। इलाज के दौरान हादसे में झुलसी संगीता की मौत हो गई, लेकिन इसी बीच उनके चार माह के मासूम बेटे बलवंत के इलाज के लिए तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ गई। ऐसे संवेदनशील समय में फतेहपुर पुलिस ने केवल अपनी ड्यूटी ही नहीं निभाई, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी पेश की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक सुनील कुमार ने चिकित्सकों और परिजनों से समन्वय बनाते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से मासूम के उपचार में बड़ी मदद मिली। इंस्पेक्टर के इस मानवीय कदम की चिकित्सकों, परिजनों और आम लोगों ने खुलकर सराहना की। पुलिस की इस कार्यशैली ने यह साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय समाज के साथ खड़ी रहने का भी काम कर रही है। सेवा, सुरक्षा और सहयोग का संदेश इस घटना में पूरी तरह जीवंत दिखाई दिया।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages