परिवहन निगम में कर्मचारियों की जीत
रोडवेज वर्कशॉप में बदले नियम
बढ़े मानदेय ने निगम राजनीति में बढ़ाई हलचल
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की कार्यशालाओं में कार्यरत आउटसोर्स तकनीकी कर्मचारियों के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। निगम प्रबंधन ने शासन की अधिसूचना और निगम स्तर पर लिए गए नीतिगत निर्णयों के तहत तकनीकी कार्मिकों के मानदेय और श्रेणी निर्धारण में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद रोडवेज कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने इसे कर्मचारियों के लंबे संघर्ष और प्रदेश नेतृत्व की मजबूत पैरवी का परिणाम बताया है। संघ के चित्रकूट धाम क्षेत्र बांदा के क्षेत्रीय मंत्री पवन कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री और पूरी प्रदेश टीम
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| चित्रकूट धाम क्षेत्र बांदा के क्षेत्रीय मंत्री पवन कुमार गुप्ता |
लगातार कर्मचारियों की समस्याओं को निगम प्रबंधन के सामने मजबूती से उठा रही थी, जिसका असर अब साफ दिखाई देने लगा है। आईटीआई कार्मिकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, नियमित कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी और संविदा कर्मियों के मानदेय में सुधार को कर्मचारियों की बड़ी जीत माना जा रहा है। नए आदेश के अनुसार तकनीकी कर्मचारियों को उनके अनुभव के आधार पर अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रेणियों में बांटा जाएगा तथा उसी अनुरूप भुगतान सुनिश्चित होगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, बढ़े हुए मानदेय का अतिरिक्त वित्तीय भार भी निगम स्वयं वहन करेगा। इस फैसले ने रोडवेज कार्यशालाओं में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को नई उम्मीद और सम्मान देने का काम किया है।
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