फतेहपुर, मो शमशाद । बालश्रम के खिलाफ चलाए जा रहे स्टेट एक्शन मंथ अगेंस्ट चाइल्ड लेबर अभियान के तहत सोमवार को श्रम विभाग ने जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच बाल एवं किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया, जबकि बालश्रम कराने के आरोप में तीन नियोक्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी गई। अभियान के दौरान होटल-ढाबों, मोटर गैराज, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सघन छापेमारी की गई, जिससे बालश्रम कराने वालों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी के निर्देशन एवं श्रमायुक्त के आदेश के क्रम में सहायक श्रमायुक्त के नेतृत्व में श्रम विभाग की टीम तथा एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के सहयोग से जिले के चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर बाल एवं किशोर श्रमिक कार्य करते
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| बालश्रमिकों को मुक्त कराते श्रम विभाग के अधिकारी। |
मिले, जिनमें से पांच बच्चों को तत्काल मुक्त कराकर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन नियोक्ताओं के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई। अभियान के दौरान व्यापारियों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं श्रमिकों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम-1986 (संशोधित-2016) की जानकारी देते हुए बताया गया कि बालश्रम कराना कानूनन गंभीर अपराध है। सहायक श्रमायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रतिष्ठान पर बाल श्रमिक पाए जाने पर संबंधित नियोक्ता के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं भी किसी बच्चे से मजदूरी कराई जाती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि बच्चों को शोषण से मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और बेहतर भविष्य से जोड़ा जा सके।


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