बेसहारा गोवंश को मिलेगा बेहतर आशियाना,
योगी सरकार की इस बड़ी पहल से किसानों को आवारा पशुओं की समस्या से मिलेगी बड़ी राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'गो-सेवा और गो-संरक्षण' के संकल्प को जमीन पर उतार रहा है प्रशासन
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने 'गो-सेवा और गो-संरक्षण' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बुंदेलखंड के बांदा जिले को गोवंश संवर्धन की एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बबेरू क्षेत्र के बांगर जलालपुर गांव में 1.60 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक और वृहद गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण होने जा रहा है। सरकार की इस बड़ी पहल से जहां बेसहारा गोवंशों को एक सुरक्षित और बेहतर आशियाना मिलेगा वहीं स्थानीय किसानों को अन्ना प्रथा और आवारा पशुओं की गंभीर समस्या से बड़ी राहत भी मिलेगी।
आधुनिक और हाईटेक होगा नया वृहद गोसंरक्षण केंद्र
इस गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड के द्वारा कराया जा रहा है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार यह केंद्र पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां गोवंशों के रखरखाव, उनके चारे-भूसे व पानी के प्रबंध और बीमार पशुओं के त्वरित इलाज के लिए दवाओं की व्यवस्था भी की जाएगी। ठंड, गर्मी और बरसात के मौसम में गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए विशेष शेड बनाए जा रहे हैं।
किसानों को मिलेगी 'अन्ना प्रथा' से मुक्ति
बुंदेलखंड के बांदा जिले में किसानों के लिए आवारा और बेसहारा पशु हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहे हैं। रात-दिन खेतों की रखवाली करने के बाद भी फसलें बर्बाद होने का डर बना रहता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत जिले में कई जगहों पर वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाये गए हैं उसी प्रकार यहां पर भी बनने वाले इस वृहद केंद्र से क्षेत्र के हजारों किसानों की यह चिंता दूर होगी और आवारा पशुओं के इस केंद्र में संरक्षित होने से फसलों का नुकसान रुकेगा और किसानों की लागत व मेहनत दोनों सुरक्षित रहेगी।
गो-सेवा के संकल्प को जमीन पर उतार रहा प्रशासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप बांदा जिला प्रशासन इस परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने में जुटा है। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने योगी सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ पशुओं का संरक्षण नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा प्रयास है। इन्होंने बताया कि इस गोसंरक्षण केंद्र के शुरू होने से न केवल गोवंश सुरक्षित होगा बल्कि बड़े पैमाने पर जैविक खाद का निर्माण भी हो सकेगा जो भविष्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगा ।


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