बांदा, के एस दुबे । आम जनता को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी बांदा, अमित आसेरी ने आज रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित श्प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रश् का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, दवाओं के स्टॉक, मूल्य सूची और पारदर्शिता का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जन औषधि केंद्र पर सभी आवश्यक और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं पर्याप्त मात्रा में हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को निर्धारित और किफायती दरों पर समयबद्ध रूप से दवाएं मिलें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम अमित आसेरी ने केंद्र की व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण करते हुए कहा कि जनसुविधाओं और पारदर्शिता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने केंद्र की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए ताकि स्टॉक की कमी न हो और कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र आमजन को किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कल्याणकारी पहल है। इसका सीधा लाभ हर पात्र और जरूरतमंद मरीज तक बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए।
इस निरीक्षण से मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों में एक नई उम्मीद जगी है कि अब उन्हें महंगी ब्रांडेड दवाओं के बजाय सस्ती और असरदार जेनेरिक दवाएं आसानी से मिल सकेंगी। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं ने ली जल शपथ -ब्लाकों में जागरूकता गोष्ठी आयोजित बांदा।जनपद बांदा के विभिन्न क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अधिशासी अभियंता, भूगर्भ जल विभाग खंड चित्रकूटधाम बांदा के निर्देशन में आज भूजल सप्ताह के पांचवें दिन जिले के महुवा, कमासिन और बबेरू विकासखंडों में विभिन्न ज्ञानवर्धक और प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विकासखंड महुवा स्थित उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं के बीच जल संरक्षण एवं संचयन के विषय पर निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्राओं ने अपनी कला और विचारों के माध्यम से पानी बचाने का संदेश दिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाध्यापिका श्रीमती रजनी, अध्यापिका श्रीमती स्वर्णिमा श्रीवास्तव, सुश्री नीतू यादव और दिव्या जैन की गरिमामयी उपस्थिति में सभी छात्राओं को जल बचाने और उसके सही उपयोग की सामूहिक जल शपथ दिलाई गई। विकासखंड कमासिन में खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक लघु गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों को जल संचयन की आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया गया और जागरूकता सामग्री का वितरण कर उन्हें पानी की एक-एक बूंद सहेजने के लिए प्रेरित किया गया। विकासखंड बबेरू के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को भूजल के महत्व से रूबरू कराया गया। उपस्थित छात्र-छात्राओं को भूजल के अत्यधिक दोहन से होने वाले नुकसान, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण के उपायों पर विस्तृत व सरल जानकारी दी गई। भूजल सप्ताह के इन सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को सफल बनाने में भूगर्भ जल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान विभाग के हाइड्रोलॉजिस्ट अक्षय,अवर अभियंता सौरभ शुक्ला,अन्य अधिकारी/कर्मचारी प्रतीक श्रीवास्तव, अमित कुमार शुक्ला, राम किशोर, कमलेश और संतोष आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। पानी का विवेकपूर्ण उपयोग ही हमारे सुरक्षित भविष्य की नींव है। भूगर्भ जल विभाग की यह अनूठी पहल जनपद बांदा में जल क्रांति लाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।


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