बांदा बार एसो. अध्यक्ष विमल सिंह ने डीआईजी से की गैंगस्टर कार्रवाई,गिरफ्तारी की मांग
बांदा, के एस दुबे । जनपद महोबा में कचेहरी से घर लौट रहे एक प्रैक्टिसिंग अधिवक्ता पर आधा दर्जन दबंगों द्वारा किए गए जानलेवा हमले को लेकर चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा को बांदा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल सिंह ने एक पत्र देकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। घटना बीते 30 जून 2026 की है। महोबा जनपद के प्रैक्टिसिंग अधिवक्ता सतीश अवस्थी जब शाम को कचेहरी से अपने घर वापस जा रहे थे, तभी रास्ते में छह नामजद अभियुक्तों ने उन्हें घेर लिया। दबंगों ने
उन पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। मारपीट के कारण अधिवक्ता श्री अवस्थी मरणासन्न हालत में पहुंच गए। हमले में आई गंभीर चोटों के कारण अधिवक्ता की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। महोबा के जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा के लिए रेफर कर दिया, जहां वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मामले में थाना कोतवाली नगर, महोबा में अभियुक्तों के खिलाफ मु०अ०सं०-0300/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (1) हत्या का प्रयास,, 311, 351 (3) और 126 (2) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया जा चुका है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी महोबा पुलिस ने अभी तक किसी भी हमलावर को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस की इस शिथिल कार्यशैली से नाराज वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। डीआईजी को सौंपे गए पत्र में अधिवक्ताओं ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए फरार सभी छह नामजद अभियुक्तों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक महोबा को निर्देशित किया जाए कि इन अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


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