बाँदा, के एस दुबे । थाना साइबर क्राइम व एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा साइबर ठगी के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के 09 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है । गौरतलब है कि साइबर क्राइम पुलिस थाना टीम को एक बैंक खाते के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी कि जिसमें साइबर ठगो द्वारा विभिन्न माध्यमों से लोगों से ठगी करके ठगी की गई धनराशि उक्त बैंक खाते में मंगवाई जाती थी । जिसके सम्बन्ध में पुलिस टीम द्वारा उक्त संदिग्ध खाता धारक को दिनांक 11/12 जुलाई की रात्रि को हिरासत में मवई बाइपास से पकड़ लिया गया तथा उक्त फर्म के नाम पर बैंक खाता के बारे में पूछने पर उसके द्वारा बताया गया कि यह खाता उसी का है जिसका उपयोग वह साइबर ठगी के रुपए मंगाने में करता है जिसके एवज में उसे कमीशन के रुप में कुछ रुपए मिलते है । उसके गिरोह में और भी कई लोग है जो इस समय बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस वे के नीचे मेरा इंतजार कर रहे है । पुलिस टीम
द्वारा तत्काल हिरासत में लिए गए व्यक्ति प्रेम प्रकाश को लेकर बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे के नीचे दबिश देकर घेराबन्दी करते हुए एक चारपहिया वाहन बोलेरो में बैठे हुए सूरज पुत्र सुरेश निवासी बिजली खेडा समीर पुत्र सुनील निवासी किरन कालेज चौराहा अभिषेक पुत्र राजू निवासी जरैली कोठी जीतू पुत्र राजेश निवासी कँचन पुरवा योगेश पुत्र चुनबाद निवासी पल्हरी कृष्णा पुत्र महेश निवासी डिग्गी चौराहा सुशील पुत्र रामगोपाल निवासी कनवारा उपरोक्त आरोपी कोतवाली नगर बाँदा के निवासी है व मुकेश पुत्र नत्थू निवासी सहरी थाना मटौंध जनपद बाँदा को हिरासत में लिया गया जिनसे कड़ाई से पूछताछ करने पर पाया गया कि पाया गया कि अभियुक्तों का साइबर ठगी का एक संगठित गिरोह है जो मुख्य रूप से एपीके (APK) फाइल एवं अन्य एप्लिकेशन/सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते है । साथ ही लोगों को बहला-फुसलाकर/झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज प्राप्त कर इन दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी फर्मों एवं कंपनियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे । साथ ही, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी सिम कार्ड भी प्राप्त किए जाते थे । इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने व उसे विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने तथा नकद निकालने तथा अपनी पहचान छिपाने के लिए किया जाता था तथा अपराध करने के उपरांत साइबर क्राइम की शिकायत के उपरांत खाता होल्ड होने की जानकारी प्राप्त होते ही घटना में प्रयुक्त फोन, सिम कार्ड आदि को नष्ट कर देते थे । इस सम्बन्ध में पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके सहयोगियों, फर्जी बैंक खातों, सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों तथा साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन के संबंध में गहन जांच की जा रही है । साथ ही, बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप एवं अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर गिरोह द्वारा अंजाम दी गई अन्य साइबर ठगी की घटनाओं का भी पता लगाया जा रहा है । *साइबर ठगी के संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ कर 09 आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली संयुक्त पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल द्वारा टीम को ₹20 हजार रुपए के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।


No comments:
Post a Comment