ग्राउंड जीरो पर उतरे मंत्री और डीएम
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेशवासियों उन की सुरक्षा और खुशहाली को लेकर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। मानसून के दस्तक देते ही बांदा जिले में संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशानुरूप अपनी कमर कस ली है। जिले में राहत और बचाव कार्यों की तैयारियां युद्धस्तर पर पूरी कर ली गई हैं। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए जिले में कुल 76 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जिन्हें पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने सभी चौकियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और मुस्तैदी से काम करने के कड़े निर्देश दिए हैं। केन और यमुना नदी के
पल-पल बदलते जलस्तर पर संबंधित विभागों द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है। आपदा से पहले ही एक्शन मोड में आई योगी सरकार ने हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए एक अभेद्य और पुख्ता रूपरेखा तैयार की है।
शंकरपुरवा गांव में सजी आपदा प्रबंधन की चौपाल
बाढ़ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, डीएम अमित आसेरी और एसपी पलाश बंसल पैलानी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित शंकरपुरवा गांव पहुंचे। वहां प्राथमिक विद्यालय परिसर में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित 'बाढ़ पूर्व बचाव चौपाल' में तीनों शीर्ष अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। जल शक्ति राज्य मंत्री, डीएम और एसपी ने केन नदी में आने वाली संभावित बाढ़ और उससे पहले किए जाने वाले सुरक्षात्मक उपायों को लेकर ग्रामीणों को विस्तार से संबोधित किया।


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