पीड़ित दलित महिला ने न्याय के लिए एसपी से लगाई गुहार
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। गिरवां थाना क्षेत्र के ग्राम खरवा की रहने वाली अनुसूचित जाति की एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायती पत्र देकर हल्का दरोगा और लेखपाल पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई, अभद्रता, मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार, यह पूरा विवाद ग्राम खरवा का है। पीड़िता ललिता पत्नी रामरतन वर्मा ने बताया कि बीते 8 जुलाई 2026 को गांव में जमीन पर रास्ता निकालने को लेकर एक विवाद हुआ था। इसी मामले में हल्का दरोगा अनवर खान और लेखपाल मंजुला गुप्ता मौके पर पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने बिना किसी वैध दस्तावेज या कानूनी आधार के उनकी निजी जमीन से जबरन रास्ता निकालने का प्रयास किया। जब महिला और उनके पति ने इस कार्रवाई का कानूनी आधार पूछा, तो अधिकारी भड़क गए। कथित रूप से दोनों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनके साथ अभद्रता की।
विरोध करने पर दरोगा और लेखपाल ने उनके पति के साथ मारपीट की। जब पीड़िता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसे भी पीटा गया, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं। पीड़िता ललिता ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायती पत्र में स्पष्ट किया है कि इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है। आवश्यकता पड़ने पर वे इसे साक्ष्य के तौर पर जांच अधिकारी के सामने प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं। महिला का आरोप है कि गांव के ही एक विपक्ष दल के प्रभाव में आकर अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया और एकतरफा कार्रवाई की।


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