बांदा, के एस दुबे । असंगठित मजदूर मोर्चा के बुंदेलखंड प्रभारी एडवोकेट पुष्पेंद्र भास्कर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ग्राम पंचायत बाघा के मजरा श्नगला पुरवाश् की बुनियादी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि लंबे समय से लंबित इन समस्याओं को जल्द दूर नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि थाना बिसंडा और तहसील अतर्रा के अंतर्गत आने वाले नगला पुरवा गांव के लोग पिछले कई वर्षों से विकास की मुख्य धारा से कटे हुए हैं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। अधूरी सड़क का निर्माणरू रघुबीर बाबा के स्थान से नाला संख्या 1602 तक लगभग 20-22 गांठा
चकरोड अधूरी पड़ी है। आगे उत्तर और पश्चिम की ओर मौजा की अंतिम सीमा तक सिर्फ कच्ची सड़क है। बरसात में यहाँ भारी जलभराव हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को तालाब के किनारे से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। मांग है कि इस चकरोड को अविलंब आरसीसी रोड में बदला जाए।
गांव में पिछले कई महीनों से हैंडपंप खराब पड़े हैं और सरकारी पेयजल परियोजना से भी समय पर पानी नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही बिजली के खंभे टूटे होने के कारण गांव में अंधेरे और बिजली आपूर्ति का संकट बना रहता है। गांव में कोई श्मशान घाट/मुक्तिधाम नहीं है, जिसके कारण बरसात के दिनों में किसी की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार करने में परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।गांव की आंतरिक गलियां और सड़कें कच्ची हैं। नालियों का निर्माण न होने से हर तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उपरोक्त सभी समस्याओं के कारण बरसात के दिनों में नगला पुरवा गांव की स्थिति अत्यंत दयनीय और कष्टदायक हो जाती है। हमने जिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देकर इन समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराया जाए। यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हम ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे।


No comments:
Post a Comment