बांदा, के एस दुबे । नाबार्ड सहयोगित पिपरोदर एवं मरझा में जलागम विकास परियोजना के अंतर्गत आदर्श ज्ञान विज्ञान विकास संस्थान द्वारा आयोजित भूजल सप्ताह समारोह का भव्य समापन ग्राम कानाखेड़ा में उत्साह और जनसहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करते हुए सामूहिक संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के प्रबंधक अभय प्रताप सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भूगर्भ जल विभाग, बांदा के अधिशासी अभियंता शिवम द्विवेदी एवं विशिष्ट अतिथि नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM) संदीप कुमार गौतम मौजूद रहे। इस अवसर पर भूगर्भ जल विभाग के कनिष्ठ अभियंता सौरभ शुक्ला, महेंद्र पाल, पुनीत शर्मा एवं आज़ाद मोहम्मद भी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि शिवम द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में भूजल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। यदि अभी से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए सामूहिक प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि संदीप कुमार गौतम ने कहा कि नाबार्ड समर्थित जलागम विकास परियोजनाएं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने परियोजना की सफलता के लिए सामुदायिक सहभागिता को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
अध्यक्षीय संबोधन में अभय प्रताप सिंह ने बताया कि 16 से 22 जुलाई तक आयोजित भूजल सप्ताह के दौरान जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, श्रमदान, पौधरोपण, जन-जागरूकता रैली, ग्राम संवाद सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करना रहा। समापन समारोह में सभी उपस्थित लोगों ने "जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प" का संदेश देते हुए हैं जल बचाने की शपथ ली। साथ ही जल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, ग्रामवासी एवं परियोजना से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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