कलेक्ट्रेट में नगर निकायों की समीक्षा बैठक में गरजे डीएम
बांदा, के एस दुबे । जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में नगर निकायों द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और जनहितकारी कार्यों की एक व्यापक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कड़े तेवर अपनाते हुए नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (म्व्) को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता को मूलभूत नागरिक सुविधाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आगामी दिनों में जलभराव की समस्या को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि नगर क्षेत्रों में किसी भी स्थिति में जलभराव स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है, वहां तात्कालिक कार्ययोजना बनाकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। यदि किसी भी क्षेत्र में जलभराव के कारण नागरिकों के घरों में पानी भरता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों को शीघ्र अनुपालन प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
पेयजल की समस्या पर चर्चा करते हुए डीएम ने कहा कि जिन वार्डों में पेयजल आपूर्ति बाधित या अपर्याप्त है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर वहां निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। नागरिकों को पानी और सफाई व्यवस्था से संबंधित किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही नगर निकायों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गृहकर एवं जलकर वसूली में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा नगर निकायों से जुड़ी 16 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की प्रगति जांची गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे। वंदन योजना, आकांक्षी नगर योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, नगरीय झील, तालाब एवं पोखर संरक्षण योजना, सीवरेज एवं जल निकासी, पेयजल व्यवस्था, अमृत 2.0, पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत एवं नगर विकास योजना, कान्हा गौशाला, स्वच्छ भारत मिशन व स्वच्छ भारत मिशन 2.0, उपवन योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, 15वां वित्त आयोग तथा कर वसूली की प्रगति। बैठक के समापन पर जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि नगर निकायों का मूल उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर शहरी जीवन और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ समय से पूरा कराया जाए।


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