ग्रामीणों ने डीएम से की सफाई कराने की मांग
बांदा, के एस दुबे । जनपद के तहसील व विकासखंड बांदा के अंतर्गत आने वाले ग्राम मवई बुजुर्ग के ग्रामीणों ने गांव में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की आबादी और तालाब के उत्तर दिशा में स्थित एक बहुत पुराना बड़ा नाला (वृहत नाला) कई वर्षों से साफ नहीं हुआ है, जिससे नाला पूरी तरह पट चुका है और गांव में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है। ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में बताया कि नाला पूरी तरह चोक होने के कारण तालाब और नाले के गंदे पानी की निकासी रुक गई है। यह दूषित पानी अब गांव की आबादी वाले हिस्सों और मुख्य रास्तों पर फैल रहा है। मानसून की बारिश
शुरू होने के बाद स्थिति और भी भयावह हो सकती है। नाले व तालाब का ओवरफ्लो पानी पूरे गांव को डुबो सकता है, जिससे ग्रामवासियों को भारी असुविधा, बीमारी और आर्थिक क्षति होने का खतरा बना हुआ है। शिकायत के अनुसार, नाला इतना गहरा और बड़ा है कि इसकी सफाई साधारण जेसीबी मशीन से होना संभव नहीं है। इसके लिए पोकलेन मशीन की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब ग्राम सचिव द्वारा नाले की सफाई के लिए जेसीबी मशीन लाने का प्रयास किया गया, तो गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने मशीन को अंदर जाने से रोक दिया और व्यवधान पैदा किया। इस कारण नाले की सफाई का कार्य अधर में लटक गया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे इस विकट समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान और सचिव से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। थक-हारकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांवहित में इस बड़े नाले और तालाब की पोकलेन मशीन से अति शीघ्र सफाई कराने तथा पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। कलेक्ट्रेट में शिकायती पत्र सौंपने के दौरान मुख्य रूप से शिवमोहन यादव पुत्र रम्मा उर्फ अधुवा, पंचुवा प्रजापति सहित मवई बुजुर्ग गांव के तमाम पीड़ित ग्रामीण मौजूद रहे।


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