बांदा में भाकियू का जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
बांदा, के एस दुबे । भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतरे और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रस्तुत किया।किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कृषि और डेयरी क्षेत्र को बिना पर्याप्त सुरक्षात्मक उपायों के विदेशी कंपनियों के लिए खोला गया, तो इसका घातक असर देश के करोड़ों छोटे-सीमांत किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।व्यापार समझौतों और कृषि सुरक्षा को लेकर चिंताएंप्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि सस्ते विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से देश की एमएसपी व्यवस्था, सरकारी खरीद प्रणाली और समग्र खाद्य सुरक्षा पर
गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों ने मांग की कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते एकाधिकार पर तत्काल रोक लगाई जाए और किसानों के पारंपरिक बीज अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।प्रदर्शन में उठाई गईं प्रमुख मांगेंरूडैच् की कानूनी गारंटीरू स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद का कानून बनाया जाए। कृषि कार्य के लिए पूरी तरह मुफ्त बिजली तथा सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए। फसलों के सीजन में डीएपी , यूरिया सहित सभी आवश्यक उर्वरकों की समय पर और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।सूखा, बाढ़ और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर प्रभावित किसानों, बटाईदारों और कृषि मजदूरों को उचित मुआवजा दिया जाए। भाकियू जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह पटेल ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हितों की अनदेखी कर विदेशी कंपनियों के पक्ष में नीतियां बनाईं, तो किसान आंदोलन को और तेज़ करने के लिए बाध्य होंगे।


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