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Friday, July 10, 2026

बांदा में आफत की बारिशः आधी रात को बच्चों और बुजुर्गों के साथ डीएम आवास पहुंचे बाढ़ पीड़ित

डीएम के आदेश पर प्रशासन ने रात में ही चलवाई जेसीबी

बांदा, के एस दुबे । बांदा जिले में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने अब विकराल रूप ले लिया है। शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। ताजा मामला शहर से सटे ग्राम कनवारा  से सामने आया है, जहां घरों में पानी घुसने और सब कुछ तबाह होने से बेबस ग्रामीण आधी रात को ही मासूम बच्चों और बुजुर्ग महिलाओं को साथ लेकर सीधे जिलाधिकारी आवास पहुंच गए। ग्रामीणों की इस आधी रात की दस्तक के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल राहत कार्य शुरू कराया गया। कनवारा गांव के धंधू डेरा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। देखते ही देखते गांव के


कई घरों में कई-कई फीट पानी भर गया। इस अचानक आई आफत के कारण ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। घरों के भीतर रखा खाने-पीने का सामान, पहनने के कपड़े और महीनों की मेहनत से जुटाया गया अनाज पानी में डूबकर पूरी तरह बर्बाद हो गया।

जब आफत सिर से ऊपर निकल गई और रात गुजारना मुश्किल हो गया, तो आक्रोशित और परेशान ग्रामीण एकजुट हुए। आधी रात के सन्नाटे में बड़ी संख्या में परिवारों के मुखिया, लाठी टेकती बुजुर्ग महिलाएं और गोद में मासूम बच्चों को लेकर ग्रामीण सीधे जिलाधिकारी आवास के द्वार पर जा पहुंचे। ग्रामीणों ने वहां त्वरित राहत और जल निकासी की गुहार लगाते हुए अपनी व्यथा सुनाई। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नायब तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ रात में ही कनवारा गांव पहुंचे।

अधिकारियों ने मौके पर पाया कि पानी की निकासी का मुख्य रास्ता बंद होने के कारण पूरा गांव जलमग्न हुआ था। प्रशासन ने बिना समय गंवाए रात के अंधेरे में ही तत्काल जेसीबी  मशीनें मंगवाईं और बंद पड़े पानी के बहाव को खुलवाकर जल निकासी की व्यवस्था शुरू कराई। जल निकासी शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस ली। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित ग्रामीणों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि प्रशासन संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सरकारी सहायता देने और जलभराव के कारण जिन बच्चों की किताबें व शिक्षा सामग्री बर्बाद हुई है, उनकी दोबारा व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया है।


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