गुणवत्ता आधारित शिक्षा पर हुआ मंथन
बबेरू / बांदा, के एस दुबे । सुकदेव सिंह लवकुश महाविद्यालय, बबेरू में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में एक दिवसीय NAAC कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय "उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार एवं NAAC प्रत्यायन की चुनौतियाँ" रहा, जिसमें उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, नवाचार, दस्तावेजीकरण और संस्थागत उत्कृष्टता पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के कार्यशाला समन्वयक प्रो. सुनील कुमार कबिया ने कहा कि NAAC प्रत्यायन प्रत्येक महाविद्यालय के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की कार्यक्षमता और संस्थान की प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्राप्त होता है।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. दीपाली गुप्ता ने कहा कि यदि किसी महाविद्यालय को NAAC प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई आती है तो उनका कार्यालय हर संभव सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के सभी महाविद्यालय गुणवत्ता आधारित शिक्षा अपनाकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना सकते हैं। नोडल अधिकारी (उच्च शिक्षा) प्रो. जितेन्द्र कुमार ने NAAC की पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाते हुए दस्तावेजीकरण और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ दीं। वहीं परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने ज्ञान की उपयोगिता और NAAC के मानकों को पूरा करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। आयोजन को उच्च शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।


No comments:
Post a Comment