यात्री को बस से उतारा, परिचालक पर मनमानी का आरोप, सीएम से शिकायत
एआरएम बोले— जांच के बाद होगी कार्रवाई
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल भुगतान और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने का दावा कर रही है, लेकिन रोडवेज बसों में कुछ परिचालकों की कार्यशैली इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। बांदा से कानपुर जा रही रोडवेज बस में UPI से किराया लेने से इनकार कर यात्री को बस से उतारने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। समाजसेवी इमरान अली ने बताया कि मंगलवार को दोपहर करीब 3:30 से 3:45 बजे के बीच वह उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस संख्या UP90 T5525 से कानपुर जाने के लिए सवार हुए थे। उनके पास नकद राशि नहीं थी, इसलिए उन्होंने परिचालक से UPI के माध्यम से किराया लेने का अनुरोध किया। आरोप है कि परिचालक ने कहा, "मेरी मर्जी है, मैं ऑनलाइन पेमेंट नहीं लूंगा। कैश दीजिए, नहीं तो बस से उतर जाइए।" श्री अली के अनुसार उन्होंने परिचालक से यह भी पूछा
कि क्या टिकट मशीन खराब है या नेटवर्क की समस्या है, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मजबूरी में उन्हें बस से उतरना पड़ा, जिससे दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा और कानपुर पहुंचने में करीब दो घंटे की अतिरिक्त देरी हुई। उनका कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा। श्री अली ने बताया कि पिछले महीने भी बांदा डिपो में UPI भुगतान स्वीकार न करने के एक मामले में विभागीय कार्रवाई हुई थी, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं नहीं रुक रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच कर संबंधित परिचालक के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा सभी रोडवेज बसों में डिजिटल भुगतान व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
एआरएम बोले— जांच के बाद होगी कार्रवाई
बांदा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) देशराज ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिल गई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में परिचालक द्वारा बिना किसी तकनीकी कारण के UPI भुगतान लेने से इनकार करने अथवा यात्री के साथ अनुचित व्यवहार की पुष्टि होती है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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