नौ उर्वरक केंद्रों में संदिग्ध खाद के भरे नमूने
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने, कालाबाजारी, अनाधिकृत भंडारण, टैगिंग तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय करने एवं अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिले 39 उर्वरक विक्रय केंद्रों एवं सहकारी समितियों पर सघन निरीक्षण एवं छापामार अभियान चलाया गया। उप कृषि निदेशक जीत लाल गुप्ता के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर उर्वरकों के भंडारण, वितरण, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेख तथा मूल्य सूची की गहन जांच की।
निरीक्षण के दौरान नामित नोडल अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्धारित दरों पर ही उर्वरक बेचने तथा किसानों को अनिवार्य रूप से रसीद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी,प्रदेश व जिले के बाहर के किसानों को उर्वरक विक्रय करने या अधिक मूल्य वसूली की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
उप कृषि निदेशक जीत लाल गुप्ता ने बताया कि अभियान के दौरान नौ उर्वरक विक्रय केंद्रों एवं सहकारी समितियों से उर्वरकों के नमूने लेकर उन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी आर के वर्मा ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें, खरीद की रसीद अवश्य लें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी या अधिक मूल्य वसूली की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस मौके पर भूमि संरक्षण अधिकारी बलजीत वर्मा,सुनील पासवान, सुचिता विश्वकर्मा,अमित सिंह, उर्वरक निरीक्षक डॉ रंजीत सरोज, एसडीओ कोऑपरेटिव बिजेन्द्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।


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