चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : श्रावण मास की अमावस्या पर बुधवार को धर्मनगरी चित्रकूट आस्था और भक्ति के सागर में डूबी नजर आई। भोर से पहले ही मंदाकिनी के रामघाट समेत अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र मंदाकिनी में स्नान कर मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद भगवान कामतानाथ के दर्शन और कामदगिरि की पंचकोसी परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। पूरा परिक्रमा मार्ग ‘जय कामतानाथ’ के जयघोष से गूंजता रहा।
मंगलवार शाम से ही श्रद्धालुओं का चित्रकूट पहुंचना शुरू हो गया था। रात बढ़ने के साथ रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर भीड़ बढ़ती गई। कई श्रद्धालु रात में ही घाटों पर पहुंच गए और अर्द्धरात्रि के बाद स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह होते-होते रामघाट से कामदगिरि तक श्रद्धालुओं की कतार दिखाई देने लगी। परिवार के साथ पहुंचे लोगों में उत्साह और बुजुर्ग श्रद्धालुओं में आस्था का भाव साफ नजर आया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। रामघाट, मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर, परिक्रमा मार्ग और अन्य प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से भीड़ पर नजर रखी गई। एएस चेक, डाग स्क्वायड और एलआइयू टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी।
मंदाकिनी का जलस्तर सामान्य रहने के बावजूद घाटों पर विशेष सतर्कता बरती गई। नाव के साथ गोताखोरों की टीम तैनात रही। पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने के लिए लगातार सचेत करते रहे। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पुलिस टीम ने चार कुंतल केले का वितरण किया। पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को जलपान कराकर सेवा भाव का परिचय दिया। अमावस्या मेले में पुलिस की ओर से पिछले कई माह से यह व्यवस्था लगातार की जा रही है।


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