ग्रामीण कार्यों में कमीशनखोरी का आरोप, शिकायतकर्ता ने अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल
बांदा, के एस दुबे । यूपीपीसीएल के माध्यम से जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि विभिन्न कराए गए कार्यों में मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि कई कार्यों में ठेकेदारों से कथित रूप से कमीशन लिया जाता है और इसकी बंदरबांट विभागीय स्तर तक होने की बात कही जा रही है। शिकायत में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता स्तर तक कमीशन पहुंचने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में मांग की गई है कि पिछले वर्षों में यूपीपीसीएल द्वारा कराए गए कार्यों की तकनीकी जांच, भुगतान अभिलेखों की जांच, मौके पर भौतिक सत्यापन तथा ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में अनियमितता अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि इन गंभीर आरोपों पर विभागीय अधिकारी क्या जवाब देते हैं और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है।यदि आपके पास किसी गांव के कार्य का नाम, लागत, ठेकेदार, भुगतान की राशि, फोटो/वीडियो या जांच रिपोर्ट है, तो भेजे जिसे समाचार पत्र गंभीरता से प्रकाशित करेंगा।


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