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Friday, August 28, 2026

मैं हूं हर मोड़ पर, तो अकेली नहीं...आवाज तो दे!

बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा स्नेह का धागा, 

भाई-बहन के अटूट प्यार व विश्वास से महका पूरा जनपद

बाजारों में दिखी रौनक, राखी व मिठाइयों की खूब हुई खरीदारी

फतेहपुर, मो शमशाद । मैं हूं हर मोड़ पर, तो अकेली नहीं...आवाज तो दे। भाई-बहन के रिश्ते में छिपा यही भरोसा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पूरे जनपद में नजर आया। कहीं बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना की तो कहीं भाई ने बहन को जीवनभर उसकी रक्षा और हर सुख-दुख में साथ निभाने का भरोसा दिया। प्यार, विश्वास और अपनत्व के इस पर्व ने जिले की गलियों से लेकर गांवों तक रिश्तों में मिठास घोल दी।

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई की आरती करतीं बहनें। 

रक्षाबंधन को लेकर सुबह से ही घर-घर उत्साह का माहौल रहा। बहनों ने पूजा की थाली सजाई, रोली-चंदन से भाई का तिलक किया और आरती उतारकर कलाई पर राखी बांधी। भाई की कलाई पर सजी रंग-बिरंगी राखियां केवल एक धागा नहीं, बल्कि बचपन की यादों, स्नेह, विश्वास और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने के संकल्प की प्रतीक बनीं। राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए और उनकी खुशियों की रक्षा का वचन दिया। रक्षाबंधन को लेकर शहर के प्रमुख बाजारों में कई दिनों से रौनक बनी रही। राखियों की दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों की खूब बिक्री हुई। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां तो युवाओं के लिए डिजाइनर, मोती और रुद्राक्ष वाली राखियां लोगों की पसंद बनीं। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। बहनों ने भाइयों की पसंद की मिठाइयां खरीदीं तो भाइयों ने भी बहनों के लिए उपहार और मनपसंद सामान की खरीदारी की। नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के कारण घर से दूर रहने वाले भाई-बहनों ने भी रक्षाबंधन के इस पवित्र रिश्ते को पूरी शिद्दत से निभाया। कई बहनें दूर शहरों में रह रहे भाइयों के पास पहुंचीं तो जो नहीं पहुंच सकीं, उन्होंने पहले ही राखी और मिठाई भेजकर अपना स्नेह पहुंचा दिया। मोबाइल वीडियो कॉल और फोन के जरिए भी भाई-बहनों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। दूरी भले ही रही, लेकिन रिश्तों की गर्माहट में कोई कमी नहीं आई।

मुस्लिम परिवारों में भी दिखा रक्षाबंधन का उत्साह

फतेहपुर। रक्षाबंधन का पर्व केवल एक धार्मिक परंपरा तक सीमित न रहकर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का उत्सव बन गया है। जनपद के मुस्लिम परिवारों में भी रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। मुस्लिम बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, माथे पर तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर उनकी खुशियों व सलामती की दुआ की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर जीवन के हर मोड़ पर साथ निभाने का भरोसा दिलाया। राखी के इस धागे ने एक बार फिर यह खूबसूरत संदेश दिया कि प्यार और रिश्तों की कोई सरहद

भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती मुस्लिम बहन।

नहीं होती। भाई-बहन का स्नेह मजहब की सीमाओं से परे दिलों को जोड़ने वाली वह डोर है, जो हर परिस्थिति में रिश्तों को मजबूती देती है। मुस्लिम परिवारों में रक्षाबंधन की खुशियों में शामिल होने से जनपद में आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर भी नजर आई।

452 बंदियों की कलाई पर सजी 668 बहनों की राखी

फतेहपुर। जेल की ऊंची दीवारें भले ही अपनों से दूरी का अहसास कराती हों, लेकिन रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन के रिश्ते की डोर ने इन दीवारों को भी भावनाओं से भर दिया। जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। अपने बंदी भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधने के लिए 668 बहनें कारागार पहुंचीं। उनके साथ 225 बच्चे भी आए। इस दौरान 452 बंदियों ने अपनी बहनों से राखी बंधवाई और पर्व की खुशियां साझा कीं। रक्षाबंधन पर आने वाले मुलाकातियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए। परिसर में साफ-सफाई के साथ टेंट, बैठने के लिए कुर्सियां, पेयजल और अस्थायी शौचालय की व्यवस्था कराई गई। चिकित्सीय आकस्मिकता को देखते हुए कारागार की चिकित्सा टीम भी मौके पर मौजूद रही।


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