खराब प्रगति पर विभागों को नोटिस, 1 हफ्ते में पौधों के सत्यापन के निर्देश
बांदा, के एस दुबे । कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण एवं जिला गंगा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा नदियों के संरक्षण को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए। रोपित पौधों के सत्यापन में ढिलाई बरतने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया।वर्ष 2026-27 के वृक्षारोपण सत्यापन में ग्राम विकास, सहकारिता, उद्योग और नगर विकास विभाग की प्रगति खराब मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण मांगा। एक जिला, एक नदीश्
योजना के तहत नदियों की स्वच्छता तथा यमुना नदी के किनारे चिन्हित 25 आर्द्रभूमियों के संरक्षण व प्रबंधन की समीक्षा की गई। जनपद में आयोजित होने वाली गंगा आरती की व्यवस्थाओं और यूपीईसीपी पोर्टल पर विभागों द्वारा की जा रही फीडिंग की स्थिति पर चर्चा हुई। समस्त बीडीओ और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे रोपित पौधों की सुरक्षा, सिंचाई, ट्री-गार्ड और जियोटैगिंग की स्थलीय जांच कर 1 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। नगर पालिका और नगर पंचायतों को बाजारों व मंडियों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। दुकानदारों व वेंडरों को प्लास्टिक पॉलिथीन के स्थान पर कपड़े के थैले इस्तेमाल करने हेतु प्रेरित करने को कहा गया।
लोक निर्माण विभाग और बीडीओ को अपने-अपने क्षेत्रों में कचरा डंपिंग साइट्स की उपयुक्तता व मानकों की विस्तृत रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए। उपनिदेशक कृषि को जनपद में प्राकृतिक और जैविक खेती के अंतर्गत आच्छादित क्षेत्र की तुलनात्मक रिपोर्ट देने और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने की कार्ययोजना बनाने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पर्यावरण और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा निर्देशों का पालन न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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