बाह्य परीक्षक के रूप में एमसीबीयू की डॉ. दीप्ति मिश्रा ने किया मूल्यांकन
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : कसहाई स्थित हंडिया बाबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को बीएड अंतिम वर्ष की शिक्षण प्रायोगिक (टीचिंग प्रैक्टिकल) एवं मौखिक (वाइवा) परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा में विद्यार्थियों ने शिक्षण कौशल, पाठ योजना निर्माण, कक्षा शिक्षण तथा विषय प्रस्तुतीकरण का प्रदर्शन किया। प्रायोगिक परीक्षा में बाह्य परीक्षक के रूप में आईं महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय की शिक्षा संकाय अधिष्ठाता डॉ. दीप्ति मिश्रा ने अभ्यर्थियों के शिक्षण कौशल, विषय ज्ञान, कक्षा संचालन क्षमता और शिक्षण पद्धतियों का गहन मूल्यांकन किया।
इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण, विद्यार्थियों से संवाद तथा व्यवहारिक अनुभव को प्रभावी शिक्षक बनने की आधारशिला बताते हुए उपयोगी सुझाव भी दिए। उन्होंने बताया कि बीएड पाठ्यक्रम में प्रायोगिक परीक्षा का विशेष महत्व है, क्योंकि इसके माध्यम से प्रशिक्षु शिक्षकों की व्यवहारिक दक्षता का आकलन किया जाता है। इस मौके पर बीएड विभाग की शिक्षिका सिंधुजा दीक्षित, नरेंद्र शुक्ला सहित विभाग के अन्य शिक्षक एवं महाविद्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे।


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