बांदा, के एस दुबे । आधुनिक पुलिसिंग के तौर-तरीकों में बदलाव और आमजन व पुलिस के बीच विश्वास की खाई को पाटने के उद्देश्य से बांदा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शहर स्थित रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के प्रेक्षागृह में चित्रकूट धाम परिक्षेत्र स्तरीय श्व्यवहार, संवाद और व्यक्तित्व विकास कार्यशालाश् का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट जिलों के 500 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित न रखकर, उसमें मानवीय संवेदनशीलता और जवाबदेही को जोड़ना है।
संवेदनशील व्यवहार व संवादरू पुलिसकर्मियों को फरियादियों और आम जनता के साथ नम्र, सम्मानजनक व प्रभावी ढंग से बातचीत करने का प्रशिक्षण दिया गया।आपातकालीन और कठिन परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखने, संयम रखने और तनाव को नियंत्रित करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
जनता के साथ समन्वय बनाकर विवादों का त्वरित समाधान ढूंढने और समाज में पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अधीनस्थों को संबोधित करते हुए कहा कि एक आदर्श पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में ईमानदारी, अनुशासन, धैर्य और सेवाभाव का पालन करना चाहिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब कानून के सख्त अनुपालन के साथ संवेदनशीलता और इंसानियत का भी संगम होगा, तभी समाज में सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण का निर्माण हो सकेगा। कार्यशाला में उपस्थित सभी 500 पुलिसकर्मियों ने जनता के साथ मित्रवत व सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।


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