बाहर से दवाएं लिखने व बदसलूकी का लगाया आरोप
बांदा, के एस दुबे । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बांदा मेडिकल कॉलेज रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर मरीजों को बाहर से दवाएं और जांचें लिखने के साथ-साथ तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को शासन की मंशा के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को अंदर से दवाएं देने के बजाय बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां खरीदने और प्राइवेट पैथोलॉजी केंद्रों से जांचें कराने
के लिए मजबूर कर रहे हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले निर्धन मरीजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। दवाओं और जांचों के अलावा उन्होंने कॉलेज के स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों के साथ मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों द्वारा अक्सर बदसलूकी और अभद्र व्यवहार किया जाता है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शासन-प्रशासन से बांदा मेडिकल कॉलेज की इन अव्यवस्थाओं पर तुरंत संज्ञान लेने और दोषी डॉक्टरों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ और बाहर की दवाएं लिखना बंद नहीं किया गया, तो वे जनहित में सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


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