16 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में वरुण प्रताप सिंह को 3 साल की कठोर सजा - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Friday, September 11, 2026

16 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में वरुण प्रताप सिंह को 3 साल की कठोर सजा

बांदा, के एस दुबे । लगभग 16 वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट से जुड़े एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त वरुण प्रताप सिंह को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) श्रीपाल सिंह की अदालत ने अभियुक्त को 3 वर्ष के कठोर कारावास और 6,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर अभियुक्त को 2 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में लेकर बांदा जिला जेल भेज दिया गया। विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह ने बताया कि थाना कोतवाली नगर में तत्कालीन वादी विवेकानंद तिवारी द्वारा वर्ष 2014 में मुकदमा अपराध संख्या 475/2014 के तहत धारा 2/3 (उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण


अधिनियम, 1986) के अंतर्गत वरुण प्रताप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। अभियुक्त काशीराम कॉलोनी, थाना कोतवाली नगर बांदा का निवासी है। उस पर आरोप था कि वह एक संगठित आपराधिक गिरोह का संचालन/सक्रिय सदस्य बनकर अवैध रूप से आर्थिक व भौतिक लाभ अर्जित करता था और क्षेत्र में भय व दहशत का माहौल पैदा करता था। मामले की विवेचना उप-निरीक्षक कमलेश सिंह यादव द्वारा की गई थी। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास के आधार पर गैंग चार्ट तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की गईं और न्यायालय में आरोप पत्र  दाखिल किया गया।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 6 मौखिक गवाहों का परीक्षण कराया गया तथा एफआईआर, गैंग चार्ट और जीडी कायमीनामा जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। अदालत में विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तुत साक्ष्यों से अभियुक्त का गिरोह से संबंध और समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल होना पूरी तरह साबित होता है। इस मामले की पैरवी में पैरोकार अभिलाष यादव, कोर्ट मोहर्रिर रघुनाथ एवं अमित का भी विशेष योगदान रहा, जिन्होंने गवाहों की समयबद्ध उपस्थिति और साक्ष्यों का समन्वय सुनिश्चित किया। सभी साक्ष्यों और तर्कों के अनुशीलन के पश्चात विशेष न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा का फैसला सुनाया।




No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages