जिलाधिकारी ने 21 अधिकारियों का वेतन रोका
बांदा, के एस दुबे । आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने समीक्षा बैठक के बाद शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान में विफल रहने वाले 21 अधिकारियों का सितंबर 2026 का वेतन अवरुद्ध का आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समाधान और शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई विभागों के अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता के तौर पर किया जा रहा है, जिससे शिकायतकर्ता असंतुष्ट हैं। जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि जनशिकायतों का समाधान समयबद्ध,
पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। वास्तविक समस्या के हल को ही प्राथमिक माना जाएगा।वेतन रोके जाने की कार्रवाई की जद में राजस्व, विद्युत, विकास, जल निगम और समाज कल्याण समेत कई प्रमुख विभागों के अधिकारी आए हैं।एसडीएम अतर्रा, एसडीएम पैलानी, एसडीएम बबेरू,तहसीलदार अतर्रा, तहसीलदार बबेरू, तहसीलदार नरैनी,खंड विकास अधिकारी नरैनी, पंचायत कमासिन, पंचायत महुआ,पंचायत बड़ोखर खुर्द,पंचायत तिंदवारी, पंचायत बबेरू,अधिशासी अभियंता (विद्युत बांदा ग्रामीण), अधिशासी अभियंता (जल निगम ग्रामीण बांदा)। प्रभागीय वन अधिकारी बांदा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, एलडीएम बांदा, प्रभारी चिकित्साधिकारी कमासिन, बाल विकास परियोजना अधिकारी नरैनी। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि भविष्य में किसी भी शिकायत के निस्तारण में शिथिलता, फर्जी रिपोर्ट या असंतोषजनक फीडबैक पाए जाने पर और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सर्वाेच्च प्राथमिकता है। औपचारिकता पूरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।


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