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Saturday, September 26, 2026

मंदाकिनी नदी के जलस्तर में गिरावट का रुझान

प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं तैयार: मण्डलायुक्त अजीत कुमार

बाँदा, के एस दुबे । चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त श्री अजीत कुमार ने शनिवार, 26 सितम्बर 2026 को जनपद चित्रकूट में बीती रात हुई भारी वर्षा से बढ़े मंदाकिनी नदी के जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण किया।सिंचाई विभाग के प्रथम कर्वी स्थित फ्लड कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार, मंदाकिनी नदी के रामघाट पर खतरे का निशान 126.500 मीटर निर्धारित है। शनिवार दोपहर 12.00 बजे नदी का जलस्तर 126.700 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जलस्तर में अब निरंतर गिरावट का रुझान देखा जा रहा है।


जलस्तर का जायजा लेते हुए मण्डलायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को चैबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर में होने वाले किसी भी बदलाव की तत्काल सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाए। मण्डल एवं जिला प्रशासन हर स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्थानीय निवासियों व तीर्थयात्रियों से अपील   आयुक्त ने नदी तट और आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों एवं तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे बिल्कुल न घबराएं। प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि जलभराव और नदी के तटीय क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा सुरक्षा मानकों का पालन करें। राहत एवं बचाव व्यवस्था मजबूत सम्भावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए प्रभावितों के लिए अस्थायी आश्रय, भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के बाद मण्डलायुक्त ने अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय केंद्र पर डॉक्टर एवं समस्त स्वास्थ्य स्टाफ उपस्थित मिला। केंद्र में साफ-सफाई, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और पेयजल व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया गया। मण्डलायुक्त ने बारिश और जलभराव के चलते फैलने वाले जलजनित रोगों (जैसे डायरिया, उल्टी-दस्त, टाइफाइड और पीलिया) को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। प्रभावित इलाकों में आवश्यकतानुसार मेडिकल टीमों को तैनात करने और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के आदेश दिए गए। साथ ही नागरिकों को पानी उबालकर पीने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा और जनस्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय और तत्परता के साथ कार्य करें।




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