पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
बांदा, के एस दुबे । अतर्रा-बिसंडा-बबेरू मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। मुख्य मार्ग बंद होने के बाद आवागमन के लिए तैयार किया गया वैकल्पिक (डायवर्जन) मार्ग अब खुद जानलेवा गड्ढों में तब्दील होकर हादसों को न्योता दे रहा है। तहसील और नहर पटरी से होकर गुजरने वाले इस रास्ते की हालत इतनी खस्ता है कि रोजाना बाइक सवार, रिक्शा चालक और चार पहिया वाहन जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बदहाल सड़क के कारण पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में एक रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची, जबकि इससे पहले एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर चुकी है। गनीमत रही कि नहर सूखी होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था और संबंधित विभाग की ओर से मरम्मत के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
समस्या से आक्रोशित अतर्रा डिग्री कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अर्जुन मिश्र के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि डायवर्जन मार्ग के जानलेवा गड्ढों को तत्काल भरकर इसे आवागमन योग्य बनाया जाए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने डायवर्जन मार्ग के लिए स्वीकृत बजट े निष्पक्ष उपयोग पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पूर्व में भी कई बार ज्ञापन दिए गए और विरोध दर्ज कराने के लिए सड़क पर धान रोपकर सांकेतिक प्रदर्शन तक किया गया, लेकिन स्थिति जस की तस है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, तो स्थानीय जनता के साथ मिलकर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान रोहित शुक्ला, उदय कुशवाहा, सत्या कुशवाहा, अंशुल गुप्ता, विज्जु गुप्ता, सुमंत शुक्ला सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


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