चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : मंदाकिनी सहित अन्य नदियों में बढ़े जलस्तर के कारण चांदी बांगर ग्राम समूह पेयजल परियोजना के छह पंप हाउस बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इनमें हिनौतामाफी, खैरी, रानीपुर खाकी, बरद्वारा, चनहट और लोहदा स्थित पंप हाउसों में जलभराव होने से मोटर और पैनल में पानी भर गया था। जिसके चलते संबंधित गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) स्वप्निल कुमार और अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) अनिल कुमार ने खैरी, चनहट और औदहा सीडब्ल्यूआर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने पंप हाउसों में चल रहे मरम्मत कार्य की प्रगति का जायजा लिया। पंप हाउसों में मोटर और पैनल की मरम्मत का कार्य जारी था। निर्देश दिए कि मोटर, पैनल सहित सभी विद्युत उपकरणों की जांच कर आवश्यक मरम्मत तत्काल पूरी कराई जाए। जिन पंप हाउसों की विद्युत आपूर्ति अभी बहाल नहीं हुई है, वहां विद्युत विभाग से समन्वय कर आपूर्ति शुरू कराई जाए, ताकि पेयजल व्यवस्था शीघ्र सामान्य हो सके। औदहा पंप हाउस की मोटर और पैनल की मरम्मत पांच सितंबर तक हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। देवल, पहाड़ी, लोहदा, पनौती और गौरी माफी ओएचटी में पानी भरकर संबंधित गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू कराई जाएगी। इस दौरान एलएंडटी के इंजीनियर, संबंधित सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर और टीपीआई के डिप्टी टीम लीडर मौजूद रहे।


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