रिपोर्ट देवेश प्रताप सिंह राठौर
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग में शिक्षक दिवस के अवसर पर आज विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन
झांसी। भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व को "गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर:। गुरुर्साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम:।। ॐ वेदाहि गुरु देवाय विद्महे परम गुरुवे धीमहि तन्नौ: गुरु: प्रचोदयात्।" के माध्यम से उल्लेखित किया गया है। ऐसी भावना का प्रचार प्रसार एवं शिक्षक और छात्र द्वय के बीच गुरु शिष्य परंपरा को और विस्तार देने हेतु बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत शिक्षक दिवस पर आज अनेक प्रेरक
कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि विभिन्न विभागों के छात्र छात्राओ द्वारा किये गए अनुरोध पर विश्व विद्यालय के समस्त विभाग प्रमुखों के द्वारा अपने विभाग में कार्यक्रम हेतु संकाध्यक्ष को आमंत्रित कर गुरु शिष्य परंपरा पर प्रेरक व्याख्यान एवं अन्य भारतीय संस्कृति के अनुरूप कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है


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