देवेश प्रताप सिंह राठौर
वरिष्ठ पत्रकार
उत्तर प्रदेश झांसी जनपद में लगभग 1200 से अधिक ऐसे कृषक जिनकी दो आईडी जेनरेट, नहीं मिल रहा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ
ऐसे किसानों को मिला मौका, एक डाटा को एक्टिव तथा अन्य को इनएक्टिव करने का
दी जा रही जानकारियों के अनुसार करना होगा पुनः आवेदन तभी किस्त पहुँचेगी खाते में
उप कृषि निदेशक श्री एम0पी0 सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत लगभग 1200 से अधिक ऐसे किसान हैं जिन के एक से अधिक डाटा पंजीकरण पंजीकृत हैं उनमें से एक डाटा को एक्टिव तथा एक को इनएक्टिव करने के बाद ही योजना का लाभ प्राप्त होगा। उप कृषि निदेशक ने बताया कि किसानों के हित लाभ हेतु शासन द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी0एम0-किसान) योजना अंतर्गत प्रति किसान परिवार को 6000 रुपये की धनराशि 04-04 महीने के अंतराल पर 02 हजार रुपए की तीन समान किश्तों में प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के एक से अधिक पंजीकरण पंजीकृत है उनमें से एक डाटा को एक्टिव तथा अन्य को इनएक्टिव करने के लिये निम्न प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।
सर्वप्रथम सम्बन्धित कृषक को लिखित विकल्प देना होगा कि उसे किस पंजीकरण संख्या के डाटा को "एक्टिव" रखना है एवं किस पंजीकरण संख्या के डाटा को "इनएक्टिव" कराना है। इसके साथ ही। कृषक जिस पंजीकरण संख्या को "इनएक्टिव" कराना चाहता है उसे उस पंजीकरण संख्या में प्राप्त सम्पूर्ण धनराशि को पी0एम0-किसान योजना के निम्न खाता संख्या में जमा करनी होगी तथा "यू०टी०आर०" संख्या का उल्लेख अपने प्रार्थना पत्र में करना होगा।
बैंक का नाम - भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई),24 एनबीआरआई खाता धारक का नाम- निदेशक कृषि एवं वित्त नियंत्रक यूपी
खाता संख्या-40279688625,
IFSC कोड-SBIN0010173
उक्त खाता संख्या की पास बुक देखे https://drive.google.com/file/d/1k RCHCCDMxJDAvVCXIW/view?usp=drive_link
उन्होंने कहा कि कृषक यदि पात्रता की श्रेणी में आता है तो उसे "घोषणा पत्र" तथा "तहसील से सत्यापित खतौनी की प्रति सहित अन्य आवश्यक अभिलेख (आधार कार्ड की प्रति/ जमा की गयी धनराशि की रसीद यू0टी0आर0 संख्या सहित)" सम्बन्धित क्षेत्रीय कर्मचारी के माध्यम से (सत्यापन आख्या सहित) उप कृषि निदेशक, झॉसी कार्यालय में उपलब्ध कराने होगें। उप कृषि निदेशक श्री एमपी सिंह ने बताया कि बिना विकल्प पत्र/सत्यापन /संतुति पत्र (उपरोक्त प्रकिया) के कोई भी डाटा निदेशालय प्रेषित नहीं किया जायेगा। उन्होंने जनपद के लगभग 1200 कृषक जो अभी योजना का लाभ पाने से वंचित हैं उन्हें ताकीद करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा उक्त व्यवस्था अस्थाई रुप से उपलब्ध कराई गयी है जो कभी भी बन्द हो सकती है। आत: योजना का लाभ पाने के लिए जल्द से जल्द सरकार द्वारा दी गई व्यवस्था का।लाभ उठाएं।


No comments:
Post a Comment