बीच-बीच में जन कल्याण के उपायों भी बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर ने किया जिक्र
बांदा, के एस दुबे । शहर के मवई बाइपास चौराहे पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा हनुमंत कथा का शुभारंभ भव्यता के साथ हुआ। कथा का श्रवण करने के लिए भक्ताें का सैलाब उमड़ पड़ा। बागेश्वर पीठाधीश्वर के श्रीमुख से हनुमंत कथा का रसपान करने के लिए कथा स्थल पर सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान भक्तों के उमड़े सैलाब से दोपहर बाद समूचा विशाल पंडाल खचाखच भर चुका था। इसके बाद कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान जी की कथा का अपने भक्तों को रसपान बड़े ही चुटीले अंदाज में किया। इस दौरान उन्होंने हास्य व्यंग के बीच अनेक प्रसंग सुनाए, जिसका श्रोताभक्तों ने जमकर आंनद लिया। बीच-बीच में वह जन कल्याण के अनेक उपायों का भी जिक्र करते रहे। प्रथम दिवस पर हनुमंत कथा का शुभारंभ अपरान्ह तीन बजे से प्रारंभ हुआ, जिसका विराम सायं 6 बजे के बाद हुआ

हनुमंत कथा का बखान करते धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।
कथा के मद्देनजर किया गया यातायात डायवर्जन
बांदा। हनुमंत कथा के श्रवण के लिए लाखों भक्तों की जुटने वाली भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस द्वारा यातायात डाइवर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी, ताकि वाहनों तथा लोगों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो। यातायात डाइवर्जन किस तरह सुनिश्चित किया गया इसकी जानकारी सहायक पुलिस अधीक्षक मेविश टॉक ने दी और उन्होंने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमाें का पालन करते हुए व्यवस्था में पूरा सहयोग करें।
बुंदेलखंड में जल्द होगी कैंसर अस्पताल की स्थापना
बांदा। प्रेस वार्ता के दौरान बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं का आहवान करते हुए उन्हें जागृत होने के लिए कहा। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं का आहवान किया कि वह वेद अवश्य पढ़े और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाए। उन्हाेंने कहा कि पहले अस्पताल में मंदिर होते थे अब मंदिरों में अस्पताल होंगे। उन्हाेंने स्पष्ट किया कि बुंदेलखंड में 2027 में कैंसर हास्पिटल बनकर तैयार हो जाएगा, जिसका उद्घाटन एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उन्होंने बुंदेलखंड के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है, यहां शिक्षा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। कहा कि हर अधिकारी, कर्मचारी व जन प्रतिनिधियों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलाें मे ही पढ़ाना चाहिए, ताकि एकता और आपसी सामंजसता बढ़ेंगी और शिक्षा के स्तर में भी सुधार आएगा।

No comments:
Post a Comment