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Thursday, June 4, 2020

मौसम का बदला मिजाज: झमाझम बारिश से चहुंओर पानी

गुरुवार को दिन भर हुई रिमझिम बारिश से तापमान लुढ़का 
ठंडी हवाओं के झोकों से सिकुड़ते हुए नजर आए लोग 

बांदा, के0 एस0 दुबे । मौसम के अचानक बदले मिजाज से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। गुरुवार की भोर से शुरू हुआ बूंदाबांदी का सिलसिला दोपहर तक झमाझम बारिश में बदल गया, जगह-जगह पर जलभराव हो गया और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन बारिश हो जाने के कारण मौसम ठंडा होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। 
गुरुवार को झमाझम बारिश का नजारा 
तापमान में भारी इजाफा करने के बाद झमाझम बारिश के साथ नौतपा की शानदार विदाई हुई। इस वर्ष नौतपा की शुरूआत 25 मई से हुई थी। नौतपा के दौरान भीषण गर्मी के बीच लोग खासे परेशान हुए और पसीना के तरबतर रहे। हालांकि नौतपा के अंतिम दिन मंगलवार को ही आसमान में काले बादल छा गए थे बूंदाबंादी भी हुई। गुरुवार की भोर रिमझिम बारिश से हुई शुरूआत दोपहर आते-आते झमाझम बरसात में बदल गई। पूरे दिन हुई रिमझिम बरसात से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं तापमान में भी अचानक भारी गिरावट रिकार्ड की गई है। मंगलवार से ही आसमान में छाए काले बादलों ने जहां मौसम को खुशगवार बनाने का काम किया, वहीं गुरुवार की सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने दोपहर तक तेज बरसात में बदल गई। बारिश के साथ ही गर्मी से लोगों को राहत मिली और यह बरसात किसानों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। हालांकि नौतपा की शुरूआत भीषण गर्मी लेकर आई और तापमान का पारा करीब 48 डिग्री तक पहुंचा। एक दिन तो जिले का तापमान पूरे देश में रिकार्ड कायम करने वाला रहा। कोरोना संकट के बीच भीषण गर्मी के दौरान लोग करीब एक हफ्ते तक घरों में कैद होकर रह गए और पसीने से तरबतर रहे। लेकिन गुरुवार का दिन गर्मी से जूझ रहे लोगोें के लिए राहत का पैगाम लेकर आया और आसमान में छाए काले बादल गुरुवार की सुबह बारिश बनकर गर्मी से राहत दिला गए। इधर, बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दिलाने का काम किया, वहीं इस बरसात को मक्के और फलों की खेती के लिए संजीवनी की तरह बताया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक जितेंद्र कुमार बताते हैं कि बारिश की बूंदें मक्के और फलों की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशहाली लेकर आ सकती है। बताते हैं कि जो किसान मक्के की बुआई कर रहे हैं, उनके लिए भी यह बारिश खासी उपयुक्त साबित होगी। साथ ही फलों की खेती करने वाले किसानों के चेहरों पर भी चमक लाने का काम करेगी। 

नरैनी में भी हुई बारिश 

बांदा। नरैनी में सुबह से हो रही बूंदाबांदी के बाद दोपहर से तेज वर्षा हो रही है। खेतों और तालाबों में काफी पानी भर गया है। वर्षा के कारण मौसम का पारा लुढ़क कर 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है। जून के महीने में लगातार आंधी और पानी का मौसम बना हुआ है। मई माह में झुलसाने वाली गर्मी के प्रतीक नौतपा में भी कई दिन बरसात हुई है। गुरुवार को सुबह से बूंदाबांदी शुरू हो गई थी, दोपहर बाद से तेज वर्षा हो रही है। क्षेत्रीय गांवों के खेतों तथा तालाबों में पानी भर गया है। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना-छतरपुर जिलों में निसर्ग चक्रवाती तूफान के कारण आंधी और वर्षा का ऐलो अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया था। क्षेत्र में हो रही वर्षा को इसी चक्रवात की वजह माना जा रहा है।  

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