देवेश प्रताप सिंह राठौर
(वरिष्ठ पत्रकार)
आपको बताना चाहते हैं कि श्री प्रकाश शुक्ला एक अपराधिक छवि का बहुत ही कुख्यात अपराधी माना जाता था, जिसका अंत वर्तमान उस समय मुख्यमंत्री रहे श्री कल्याण सिंह के कार्यकाल में एसटीएफ का गठन किया गया और श्री प्रकाश शुक्ला को अपराधिक इतिहास के दो ढाई साल में ही उत्तर प्रदेश सरकार को हिला रख दिया अंत में एक मुठभेड़ में श्री प्रकाश शुक्ला का अंत हुआ, श्री प्रकाश शुक्ला के नक्शे कदम पर चलने वाला कुख्यात अपराधी विकास दुबे सन 2001 में संतोष शुक्ला दर्जा प्राप्त मंत्री की थाने में घुसकर हत्या की थी। तभी प्रदेश सरकार को समझ लेना चाहिए कि यह कितना बड़ा अपराधी है जो वर्तमान सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री को थाने में घुसकर मार सकता है इस बार अंकुश नहीं लगाया गया इसके अपराध बढ़ते गए और अपराध की गति को इतना तेज राजनीतिक संरक्षण जरूर प्राप्त हुआ होगा जो यह इतने बड़ा कांड कर दिया आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए यह एक पूर्व में उसके हौसला अफजाई का और उसके खिलाफ कार्यवाही ना किए जाने के कारण 23 साल के अपराधिक इतिहास में यह अपने को कैसे बचा रहा जरूर इसमें पुलिस का किसी राजनीतिक दल का संरक्षण अवश्य प्राप्त हुआ होगा आज फिर द्वारा एसटीएफ को प्रदेश सरकार ने विकास दुबे को पकड़ने की आदेश दे दिया है आतंक का अंत होता है सुनिश्चित है परंतु इतने वर्षों तक इस पर कार्यवाही क्यों नहीं चली गई जिसने एक मंत्री को थाने के अंदर घुस कर मारा वह अपराधी क्यों नहीं सलाखों के अंदर होना चाहिए था। पुलिस के द्वारा मुठभेड़ में हुए कुख्यात अपराधी विकास दुबे, लूट, हत्या जैसे अब तक 60 मामले दर्ज,हैगुरुवार रात एक बजे जब पुलिस विकास को पकड़ने गई तो अंधाधुंध फायरिंग की, सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत शहादत देनी पड़ी कानपुर देहात के बिठूर थाना क्षेत्रमें गुरुवार रात एक बजे दबिश देने गई पुलिस टीम पर फायरिंग करने वालेहिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 19 साल पहले उसने 2001 में थाने में घुसकर राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने राजनीति में एंट्री ली। नगर पंचायत का चुनाव भी जीता था।विकास कई बार गिरफ्तार भीहुआ।2017 में लखनऊ में एसटीएफ ने कृष्णा नगर से उसे दबोचा था।बना रखी थी युवाओं की फौज
हिस्ट्रीशीटर विकासकानपुर देहात के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव का रहने वाला है।उसने कई युवाओं की फौज तैयार कर रखी है। इसी के साथ वह कानपुर नगर से लेकर कानपुर देहात तक लूट, डकैती, मर्डर जैसे अपराधों को अंजाम देता रहा है । 2000 में विकास ने शिवली इलाके के ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या कर दी थी,जिसमें उसे उम्रकैद की सजा भीहुई थी।अपराध से बनाई सत्ता में गहरी पैठ विकास ने अपने अपराधों के दम पर पंचायत और निकाय चुनावों में कई नेताओं के लिए काम किया और उसके संबंध प्रदेश की सभी प्रमुख पार्टियों से हो गए। 2003 में शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तबश्रम संविदा बोर्ड के चैयरमेन रहे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था । उसका इतना खौफ था किकोई गवाह सामने नहीं आया। इसके कारण वह केस से बरी हो गया । इसकी शादी शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क के पास रहने वाले राजू खुल्लर की बहन से हुई थी । ब्राह्मण शिरोमणि पंडित विकास दुबे के नाम से फेसबुक पेज बना रखा था । नगर पंचायत चुनाव जीता 2002 में जब प्रदेश में बसपा की सरकार थी तो इसका सिक्का बिल्हौर, शिवराजपुर, रनियां, चौबेपुर के साथ ही कानपुर नगर में चलता था । 2018 में विकास दुबे ने अपने चचेरे भाई अनुराग पर जान लेवा हमला किया था। तब अनुराग की पत्नी ने विकास समेत चार लोगों को नामजद किया था । 2000 में रामबाबू यादव की हत्या की जेल में साजिश रचने का आरोपी था । 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है । विकास ने राजनेताओं के सरंक्षण से राजनीति में एंट्री की और जेल में रहने के दौरान शिवराजपुर से नगर पंचायत का चुनाव जीत लिया । जानकारी के अनुसार, इस समय विकास दुबे के खिलाफ 60मामले यूपी के कई जिलों में चल रहे हैं। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम रखा हुआ था । हत्या और हत्या की कोशिश के मामले पर पुलिस को इसकी तलाश थी । लखनऊ में एसटीफ ने पकड़ा था विकास दुबे पुलिस से बचने के लिए लखनऊ स्थित अपने कृष्णा नगर के घर पर छिपा हुआ था । इस कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए लखनऊ एसटीएफ को लगाया था। कुछ समय पहले ही एसटीएफ ने उसे कृष्णा नगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब एक बार फिर जेल से निकलने के बाद बड़ी घटना को अंजाम दिया है । आठ पुलिसकर्मी हुए शहीद उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार रात एक बजे दबिश देने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं । इसमें सर्कल ऑफिसर (डीएसपी) और 3 सब इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई । बताया जा रहा है कि पुलिस बिठूर थाना इलाके के एक गांव में हिस्ट्री शीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी, लेकिन उसकी गैंग ने पुलिस पर घात लगाकर छत से हमला किया और विकास दुबे फरार हो गया ।


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