जावद पुलिस ने की छापेमार कार्रवाई, 60 लीटर हाथभटटी कच्ची शराब बरामद,
एक आरोपी गिरफ्तार, शराब बनाने के उपकरण जब्त
नीमच, अंकित जैन । जावद पुलिस ने ग्राम रूपपुरा में हाथभटटी जहरीली कच्ची शराब बनाई जाने वाली फैक्टरी पर छापेमार कार्रवाई की है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो हाथभटटी कच्ची शराब बना रहा था। बडी संख्या में शराब बनाने के उपकरण पुलिस ने जब्त किए है। करीब 60 लीटर कच्ची शराब बरामद की है। दो ड्रमों में भरा हुआ करीब 200 लीटर महुआ लहान नष्ट करवाया गया है, जो भयंकर संडाध मार रहा था। जावद क्षेत्र में अब तक की बडी कार्रवाई माना जा रहा है। आरोपी लंबे समय से जानलेवा शराब बना रहा था और आस—पास के क्षेत्र में इसे खपा रहा था। जन स्वास्थ्य के लिए यह जहरीली हाथभटटी शराब घातक है।
शनिवार को जावद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम रूपपुरा निवासी ईश्वरसिंह पिता उगमसिंह राजपूत उम्र 50 वर्ष निवासी रूपपुरा हाथभटटी कच्ची शराब के गौरखधंधे में लिप्त है, वह घर के पास ही व्यापक पैमाने पर कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी संचालित कर रहा है, पुलिस अगर दबिश दे तो भंडाफोड हो सकता है। मुखबिर सूचना के आधार पर मय फोर्स के दबिश दी गई। एक भटटी के उपर बडे मटके में सडा हुआ महुआ लहान करीब 15 लीटर उबल रहा था। एक नली ड्रम में लगा रखी थी, जिसमें कच्ची शराब एकत्रित की जा रही थी। मौके पर दो ड्रम भी मिले, जिसमें 100—100 लीटर महुआ लहान भरा हुआ था। मौके केनो में भरी हुई शराब करीब 60 लीटर जब्त की गई। आरोपी ईश्वरसिंह ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने मौके पर मिले उपकरणों को जब्त कर लिया गया है और महुआ लहान को नष्ट करवा दिया है। आरोपी से पूछताछ जारी है कि वह उपरोक्त जहरीली शराब किन—किन लोगों को बेच रहा था।


प्रणाम संपादक महोदय,
ReplyDeleteमेरा नाम विश्व प्रताप गर्ग है और मेरे सहकर्मी देवेन्द्र परमार भगवान शिव के महायोगी स्वरूप भगवान भगवान "गुरू गोरखनाथ" के अनुयायी हैं साथ ही आपके पाठकगण भी हैं।
इस पोस्ट में जहरीली शराब के अवैध कारोबार को उजागर कर बड़ा ही नेक काम किया है। शराब हो उपर से नकली यह तो घोर अपराध है। कितनी ही बार सुना है कि नकली शराब पीकर फलां-फलां लोग गुजर गए। कितने परिवार उजड़े कितने बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया। बड़े ही दुख की बात है कि आज संवेदनाएं इतनी मर गई हैं कि सिर्फ पैसा ही जीवन का आधार बन पड़ा है चाहे अवैध ही सही।
बहरहाल अगर आप ऐसा लिखें "बड़े पैमाने पर चल रहा था अवैध हाथभट्टी में जहरीली शराब का अवैध धंधा" उचित वाक्य है। भगवान शिव महायोगी स्वरूप में भगवान "गुरू गोरखनाथ" होते हैं।भगवान गुरू "गोरख"जैसे पवित्र कल्याणकारी नाम को किसी घटिया धंधे से जोड़ने से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है और शिव तो सदैव कल्याण ही करते हैं।
"गोरख-धंधा" शब्द अनुचित है और एक निम्न श्रेणी की उपहासात्मक अवमाननापूर्ण गरिमाहीन संज्ञा है जो प्रयोग में नहीं होनी चाहिए कृप्या इस पहलू का भी संज्ञान लें ।
कुछ शब्द हैं जो आप प्रचुरता से प्रयोग कर सकते हैं जैसे अवैध धंधा /अनैतिक धंधा /भ्रष्टाचार /भंवरजाल /मकड़जाल /ठगी /घपला /गोलमाल /धोखाधड़ी /घोटाला /धांधली /छदमधंधा /पाखंड आदि।
कृप्या इस पहलू का भी संज्ञान लें और एक विज्ञप्ति जारी कर सभी साथी रिपोर्टिंग टीम को इस पहलू की ओर भविष्य में भी सचेत करें तो आपकी ज्वलंत पत्रकारिता उम्दा ही प्रतीत होगी और पाठकगण भी एक जुडाव महसूस कर पाएंगे।
आपकी एसोसिएशन के माध्यम से अगर इस पहलू से आप समस्त जर्नलिस्ट भाईयों को अवगत करा सकें तो अति कृपा होगी।
यही विनती है।
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अलख निरंजन!!