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Wednesday, July 1, 2020

सर्प दंश से जनहानि को रोके

हमीरपुर, महेश अवस्थी  । सर्प दंश के कारण होने वाली जनहानि को न्यूनतम एवं उसका शमन करने से संबंधित शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के क्रम में जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि  सांप के जहर से  ऊतक नष्ट होते हैं ,नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है । ब्लड प्रेशर एवं ह्यदय पर असर अथवा क्लॉटिंग एवं रक्त स्राव होता है । जहरीले सांप के काटने पर यदि सांप द्वारा जहर नहीं उगला गया है, तो खतरा नहीं होता। यदि जहर उगला गया है ,तब काटने के स्थान पर तेज दर्द ,छाला पड़ना ,सूजन, लालिमा, नीलापन , रक्त स्राव ,काला पड़ना या सुन्न होना हो सकता है । 
 अतः सांप दिखने पर उसके पास ना जाए, ना ही उसे मारने की कोशिश करें, उसे बचकर जाने दे । हलचल एवं कंपन से सांप  दूर भागते हैं। सर्पदंश पर घबराएं नहीं ,आराम से लेट जाएं ,काटे हुए भाग को ह्यदय के स्तर से थोड़ा नीचे रखें, कपड़े ढीले कर दे ,चूड़ी ,कड़े ,घड़ी ,अंगूठी जैसे आभूषण निकाल दें ।छोटे बच्चे , वृद्ध और अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जहर का असर गंभीर हो सकता है, इनमें विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है ,इनके उपचार में देरी ना करें।  घाव के साथ छेड़छाड़ ना करें, घाव को काटने ,चूसने ,बर्फ लगाने, कसकर बांधने, देसी दवा, केमिकल लगाने का कोई स्पष्ट लाभ नहीं होता है अपितु घाव में नुकसान हो सकता है, जहर शरीर में ज्यादा तेजी से फैल सकता है।  घबराने ,दौड़ने, भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है । व्यक्ति को मदिरा ,नशे की कोई चीज तथा कैफीनेटेड ड्रिंक्स न दे ,दर्द के लिए सिर्फ पेरासिटामोल दे । झाड़ फूंक से बचें। रोगी को शीघ्र जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य  केंद्रों पर ले जाएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही से खतरा ज्यादा गंभीर हो सकता है।

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