खचाखच सवारियां भरकर फर्राटा भरती रही परिवहन निगम की बसें
फतेहपुर, शमशाद खान । कोरोना महामारी के दौर में त्योहार के रंगों को फीका होने से बचाने के लिये सरकार द्वारा नियमो में छूट देने के साथ ही त्योहारों को मनाने के लिये गाइडलाइन जारी की थी। जिसमें परिवहन विभाग द्वारा गत वर्षों की तरह महिलाओं को रक्षाबंधन के दिन मुफ्त यात्रा कराया जाना भी शामिल था। शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार रक्षाबंधन की पूर्व रात्रि बारह बजे से अगले दिन रात्रि बारह बजे तक रोडवेज बसों में महिलाओ को मुफ्त यात्रा कराये जाने के साथ ही रोडवेज बसों में स्टैंडिंग सवारियां भरने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क के बिना यात्रा करने वालो की मनाही समेत अनेक नियमों का पालन करने के लिये निर्देशित किया गया था। शासन द्वारा नियमो को लेकर गाइडलाइन भले ही जारी कर दी गयी लेकिन जनपद में परिवहन विभाग द्वारा शासन के इन नियमो का पालन करने की जगह जमकर धज्जियां उड़ाई गयी। सेनेटाइज के बिना ही बसे सड़को पर फर्राटा भरती रही जबकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व स्टैंडिंग पर प्रतिबंध को दरकिनार कर परिचालकों द्वारा बसों में ठसाठस सवारियां भरकर कोरोना महामारी को आमंत्रित करते हुए यात्रा कराई गयी।
शासन द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओ को निशुल्क यात्रा की सौगात देते हुए सुरक्षित यात्रा का भी जिम्मा विभाग को सौंपा था लेकिन परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण त्योहारों को देखते हुए यात्रियों की उमड़ती हुई भीड़ के साथ-साथ नियम भी तार-तार होते रहे। बसों में न केवल क्षमता से अधिक सवारियां भरी गयी बल्कि सेनेटाइज जैसी कोई व्यवस्था तक नही की गयी। बसों में बिना मास्क के लोग बैठे हुए दिखाई दिये। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की जगह बसों में बड़ी सँख्या में स्टैंडिंग सवारियां खड़ी नजर आयी। कोरोनाकाल में सरकर द्वारा जहां समाजिक दूरी का पालन करने को कहा जाता है वहीं परिवहन निगम की बसों में खचाखच भरी सवारियां कोरोना महामारी का आमंत्रण देती हुई नजर आयी।
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| रोडवेज बस में खचाखच भरे यात्री। |


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