चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय में विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर आनलाइन माध्यम से लखनऊ से मुख्य अतिथि महेश गुप्ता प्रमुख सचिव राज्यपाल व विवि में कुलपति प्रो योगेश चंद्र दुबे, कुलसचिव डा महेन्द्र कुमार उपाध्याय, वित्त अधिकारी आरपी मिश्र, लेखाधिकारी एनबी गोयल ने मां सरस्वती के चित्र पर माला पहनाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। मुख्य अतिथि श्री गुप्ता ने कहा कि दिव्यांग भौतिक शरीर से किसी अंग को क्षति पहुंची है तो ईश्वर ने विशेष योग्यता, शैक्षणिक मेधा शक्ति दी है। कुछ अलौकिक शक्ति जो संचालित करती हैं। जीवन में कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। अपने लक्ष्य को सदैव पाने के लिए हमेशा कार्य करतें रहे। सफलता अवश्य मिलेगी। आजीवन कुलाधिपति पद्म विभूषण जगदगुरु रामभद्राचार्य ने आनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल मे भी छात्रों को आनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान करें। तकनीकी
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| कार्यक्रम में मौजूद कुलपति। |
विकास के माध्यम से ही शिक्षित करें। हमेशा विश्वविद्यालय के हित में अच्छा कार्य किया जाए। उनका सूत्र वाक्य है यह विश्वविद्यालय दिव्यांगो का है और उनके साथ सहानुभूति नहीं समानुभूति चाहिए। किसी भी दिव्यांग को किसी अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी के द्वारा कोई भी कष्ट नहीं होना चाहिए। जितना हो सहायता अवश्य करें। कुलपति प्रो योगेश चंद्र दुबे ने कहा कि आजीवन कुलाधिपति की संकल्पना थी कि दिव्यांगों के लिए एशिया का इकलौता विश्वविद्यालय बने जो अपनी शैक्षणिक योग्यता बढाकर समाज की मुख्य धारा से जुड सकें। आज भारत के सभी राज्यों में विवि से शिक्षा प्राप्त कर टीचर्स मे रोजगार मिला है। इस मौके पर उतीर्ण छात्रों को आनलाइन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस दौरान डा रजनीश सिंह ने सभी के प्रति धन्यवाद व कार्यक्रम का संचालन डा गोपाल मिश्र ने किया। यह जानकारी पीआरओ एसपी मिश्र ने दी है।


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