चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में फीता काटकर पुरुष नसबंदी पखवाड़े का शुभारंभ किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिला नसबंदी की अपेक्षा पुरुष नसबंदी बेहतर है। इस समय परिवार नियोजन की तरफ बढ़ें। बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए और संसाधनों की कमी के कारण पुरुष नसबंदी प्रक्रिया को अपनाएं। छोटा परिवार, सुखी परिवार, इस कार्य में सभी लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि जनपद के समस्त प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात सर्जन चिकित्सकों को प्रशिक्षण राज्य प्रशिक्षक डॉ गोकुल प्रसाद से दिलाया जाए। ताकि प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पुरुष नसबंदी कराई जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार ने कहा कि नसबंदी पखवाड़े के अंतर्गत पुरुषों और महिलाओं की नसबंदी किया जा रहा है। महिलाओं के साथ पुरुष अपनी सहभागिता निभाएं।
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| फीता काट कर शुभारंभ करते डीएम। |
पुरुष नसबंदी में कोई चीरा, टांका नहीं लगता है। महिलाओं को तो नसबंदी के दौरान 10 दिन तक समस्याएं रहती है, लेकिन पुरुषों को समस्या नहीं होती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरके गुप्ता ने कहा कि पुरुष नसबंदी बहुत ही आसान तरीके से किया जा रहा है। पुरुष अधिक से अधिक नसबंदी कराएं। ताकि परिवार नियोजन को अपनाया जा सके। राज्य प्रशिक्षक डॉ गोकुल प्रसाद ने कहा कि यह विधि चाइना में 1984 में आविष्कार किया गया था कि सरल से सरल तरीके से पुरुषों की नसबंदी 2 से 5 मिनट के अंतर्गत किया जा रहा है। छोटे से छिद्र के माध्यम से पुरुष नसबंदी अपनाएं और पति एक नंबर कहलाए। इस दौरान जिलाधिकारी का मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मचारी तथा पुरुष व महिला नसबंदी के लाभार्थी मौजूद रहे।
रैन बसेरा की देखी व्यवस्थाएं
चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने नगर पालिका परिषद कर्वी से संचालित रैन बसेरा सीतापुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यात्रियों के ठहरने के लिए बिस्तर, पेयजल, शौचालय आदि को देखा जो सभी व्यवस्थाएं मौके पर पाई गई।


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