चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। आल इण्डिया स्टूडेंट फेडरेशन शाखा चित्रकूट के जिलाध्यक्ष व कामरेड अमित यादव के नेतृत्व में दर्जनो लोगों ने जुलूस निकाल कर सरकार विरोधी नारे लगाए। तत्पश्चात छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम संबोधित उप जिलाधिकारी चित्रकूट को सौपा गया।
सौपे गए ज्ञापन में किसान विरोधी कानूनों को रद्द कराने की मांग की है। एसडीएम कार्यालय में किसानो व एआईएसएफ के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कामरेड अमित यादव एड ने कहा कि देश के किसानों द्वारा दिल्ली में तीन किसान विरोधी कानूनों को रद्द कराने, बिजली बिल वापस कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा रहा है। पंजाब, हरियाणा, उप्र के लाखों किसान दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। सात दिन गुजरने के बावजूद अभी तक सरकार द्वारा तीनो कानूनों को रद्द करने एवं बिजली बिल वापस लिए जाने की घोषणा नहीं की
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| जुलूस निकालते पदाधिकारी, कार्यकर्ता। |
गई। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ बातचीत कर रही है दूसरी ओर स्वयं कानूनों के पक्ष में लगातार बयान देकर किसानों को विपक्षियों द्वारा भ्रमित बतलाया जा रहा है। चित्रकूट जिले के जिलाध्यक्ष रविकरण यादव ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा किसानों के आंदोलन को विपक्षी दलों की कठपुतली, विदेशी पैसो से आंदोलन चलाने वाला बतलाकर अपमानित किया जा रहा है। अखिल भारतीय नौजवान सभा एवं एआईएसएफ के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को धरना प्रदर्शन के माध्यम से ज्ञापन सौप कर मांग की है। ज्ञापन में मांग की है कि किसान विरोधी तीनो काले कानून वापस लिए जाए। नई शिक्षा नीति 2020 वापस लिए जाए। भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून बने। बिजली अधिनियम 2020 वापस हो। श्रम कानूनों में संशोधन वापस लें। आंदोलनकारी किसान, मजदूर, छात्र, नौजवानों पर हो रहे अत्याचार को बंद किया जाए।


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